इन रास्तों पर ये रहेगी ट्रैफिक व्यवस्था
डिग्गी तिराहे से तेजगढ़ी चौराहे और कमिश्नर आवास चौराहे के बीच भारी वाहनों का आवागमन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। डिग्गी तिराहे से विश्वविद्यालय रोड होकर जेल चुंगी की ओर जाने वाले हल्के वाहनों को किला रोड की ओर डायवर्ट किया जाएगा। एलआईसी कट से आने वाले वाहनों को इमली तिराहे की ओर भेजा जाएगा।
जेल चुंगी पर मेला लगने के कारण गढ़ और मुरादाबाद की ओर से मुजफ्फरनगर व रुड़की जाने वाली बसों को डिग्गी तिराहे से डायवर्ट किया जाएगा। ये बसें तेजगढ़ी चौराहा, हापुड़ अड्डा, बेगमपुल और जीरो माइल होते हुए आगे जाएंगी।
दिल्ली रोड और सूरजकुंड के रास्ते होंगे प्रभावित
दिल्ली रोड स्थित रामलीला मैदान में मेले के कारण बागपत तिराहे से शॉप्रिक्स मॉल तिराहे के बीच वाहनों की आवाजाही सबसे अधिक प्रभावित रहेगी। वाहन बिजली बंबा बाईपास और बागपत तिराहे से बागपत रोड होकर निकल सकेंगे।
ब्रह्मपुरी चौराहे और शारदा रोड से दिल्ली चुंगी की ओर आने वाले वाहनों को रामलीला मैदान की तरफ नहीं जाने दिया जाएगा। इन्हें दिल्ली चुंगी से बागपत तिराहे और मलियाना पुल की ओर भेजा जाएगा।
सूरजकुंड पार्क में मेले के चलते गांधी आश्रम चौराहे, सीताराम पुलिया और सूरजकुंड स्पोर्ट्स मार्केट नाले की पुलिया से सूरजकुंड मंदिर की ओर सभी वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित रहेगा।
भैंसाली मैदान में मेला होने के कारण जली कोठी, महताब तिराहे, सीएवी स्कूल की सदर थाना वाली साइड और गुरु तेग बहादुर स्कूल की ओर से मैदान तक वाहनों को जाने की अनुमति नहीं होगी।
दशहरा पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम, 36 स्थानों पर मेले और रामलीला
दशहरा पर्व पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर डीआईजी कलानिधि नैथानी ने रेंज के सभी एसएसपी को निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जहां-जहां रामलीला हो रही है और रावण दहन किया जाएगा, वहां पुलिस बल तैनात किया जाए। माहौल खराब करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
डीआईजी ने बताया कि मेरठ में 36 स्थानों पर मेले और रामलीला का मंचन हो रहा है। इन सभी जगहों पर रावण दहन किया जाएगा। शहर में संवेदनशील स्थान भी चिह्नित किए गए हैं। सामाजिक माध्यमों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और सुरक्षा के लिए त्वरित प्रतिक्रिया दल बनाए गए हैं।
सोशल मीडिया पर निगरानी, नई परंपरा की अनुमति नहीं
डीआईजी ने रामलीला, दुर्गा मूर्ति, प्रतिमा विसर्जन और जुलूस मार्गों का निरीक्षण करने को कहा है। किसी भी विवाद को तुरंत सुलझाने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने बताया कि प्रत्येक थाने पर त्योहार पंजीकृत रजिस्टर संख्या आठ का अध्ययन करने को कहा गया है। किसी भी नई परंपरा की अनुमति नहीं दी जाएगी। पूजा पंडालों, जागरण पंडालों और प्रतिमा विसर्जन स्थलों पर अग्निशमन टीम तैनात रहेगी।
पिछले पांच वर्षों के विवादों और पंजीकृत मामलों की समीक्षा कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए हैं। मार्ग परिवर्तन बिंदुओं और भीड़ नियंत्रण के लिए चलित अवरोधक लगाए जाएंगे। सोशल मीडिया पर अफवाहों की निगरानी करने के लिए भी कहा गया है।