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कैंसर का उपचार संभव, डॉक्टर बोले- सिर्फ इस बात का रखें विशेष ध्यान

Tue, 05 Feb 2019 08:07 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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केएमसी में कैंसर पर आयोजित सेमिनार को संबोधित करते डाॅ. सुनील गुप्ता - फोटो : अमर उजाला
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मेरठ में केएमसी कैंसर संस्थान में प्रत्येक रविवार को अखिल भारतीय कैंसर स्क्रीनिंग कार्यक्रम के अंतर्गत निशुल्क कैंसर परामर्श एवं जागरुकता अभियान चलाया जाएगा।

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सोमवार को इस संबंध में एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. बीएन सतपथी ने बताया कि लोगों में भ्रांति बनी हुई है कि कैंसर लाइलाज बीमारी है। जबकि ऐसा नहीं है, यदि कैंसर का प्रारंभिक अवस्था में ही पता चल जाए तो इसका उपचार संभव है।

कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. निधि अग्रवाल ने बताया कि 20 प्रतिशत लोगों को जब कैंसर की शुरुआत ही होती है तब आते हैं। इनमें से 80 प्रतिशत ठीक हो जाते हैं। जबकि 80 प्रतिशत लोग ऐसे होते हैं जो अंतिम स्टेज पर डॉक्टर के पास जाते हैं, उनमें से 20 प्रतिशत लोग ही ठीक हो पाते हैं। कुछ लोग मरीजों को गुमराह करते हैं कि गंगाजल पिलाने से मरीज ठीक हो जाता है, यह गलत है।

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केएमसी चेयरमैन डॉ. सुनील गुप्ता ने बताया कि कैंसर जागरुकता कार्यक्रम में उपभोक्ता संरक्षण मंत्रालय भारत सरकार के निर्देशक प्रमोद गर्ग का भी सानिध्य रहा है। उन्होंने कहा कि कैंसर के आधुनिकतम और सस्ते इलाज केएमसी में उपलब्ध हैं। डॉ. पुलकित मित्तल (पैट सी.टी. विशेषज्ञ), डॉ. रजनी यादव, डॉ. अमिताभ गौतम, डॉ. पीके जैन, डॉ. संदीप जैन, डॉ. सुधाकर जैन, डॉ. ऋषभ सैनी, डॉ. विकास सेठ, डॉ. संजीव वार्ष्णेय, डॉ. रजनी, डॉ. राजीव जैन, डॉ. अजय वत्स एवं अन्य चिकित्सक मौजूद रहे। प्रशासक रेनू बंसल व अन्य स्टाफ का सहयोग रहा।

प्रतिवर्ष चपेट में आ रहे 12 लाख लोग : डॉ. मीनू वालिया
विश्व कैंसर दिवस केउपलक्ष्य में सोमवार को राधा गोविंद ग्रुप के नर्सिंग कॉलेज, राधा गोविंद इंस्टीट्यूट ऑफ  नर्सिंग साइंसेज में मैक्स सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल दिल्ली की निदेशक कैंसर विशेषज्ञ डॉ. मीनू वालिया ने व्याख्यान दिया। विश्व में 1.8 करोड़ व्यक्ति प्रतिवर्ष कैंसर की बीमारी के कारण मृत्यु को प्राप्त हो जाते हैं। यह आंकड़ा किसी छोटे देश की जनसंख्या से भी ज्यादा है। भारतवर्ष में लगभग 12 लाख लोग प्रतिवर्ष इस बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। कृषि क्षेत्र में बढ़ते हुए कीटनाशक के प्रयोग के दुष्परिणाम इस तरह से सामने आ रहे हैं कि रेलगाड़ी को कैंसर ट्रेन का नाम दिया जाने लगा है। कालेज चेयरमैन योगेश त्यागी, राधा गोविंद इंजीनियरिंग कालेज के निदेशक डॉ. पीके सिंह, नर्सिंग कालेज के प्रधानाचार्य महेश कुमार, उपप्रधानाचार्य रबिन कुमार, प्रवक्ता डॉ. अमित शर्मा उपस्थित रहे।

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