गंगा एक्सप्रेसवे मेरठ के बिजौली से प्रयागराज तक 594 किलोमीटर की दूरी तय करेगा। इसका उद्घाटन जल्द होने की संभावना है। मेरठ और हस्तिनापुर को जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से जोड़ने के लिए गंगा एक्सप्रेसवे लिंक एक्सप्रेसवे (74.30 किलोमीटर लंबा) का निर्माण किया जा रहा है। दिल्ली-वाराणसी हाईस्पीड रेलवे कॉरिडोर का स्टेशन नोएडा एयरपोर्ट भी रहेगा।
नोएडा एयरपोर्ट से जुड़ने से मेरठ के खेल और आभूषण उद्योग के निर्यात को बढ़ावा मिलेगा। इससे न केवल नोएडा एयरपोर्ट बल्कि हाईस्पीड ट्रेन से सफर कर वाराणसी तक का सफर आसान हो जाएगा। वहीं, यमुना एक्सप्रेसवे से कनेक्टिविटी होने से लखनऊ का सफर भी आसान होगा। इसके अलावा फेज-2 में मेरठ-हरिद्वार ग्रीन फिल्ड लिंक मार्ग (110 किलोमीटर, मुजफ्फरनगर-रुड़की रूट) पर प्रस्तावित है। यह चार धाम राजमार्ग से जुड़ेगा। यह लिंक चार धाम की यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं की राह आसान करेगा।
दिल्ली-वाराणसी हाईस्पीड रेल कॉरिडोर का रूट
-दिल्ली-नोएडा-जेवर-मथुरा-आगरा-इटावा-लखनऊ-रायबरेली-प्रयागराज-भदोही-वाराणसी।
- दूरी: लगभग 816 से 865 किमी।
-समय बचत: वर्तमान 10-12 घंटे के मुकाबले लगभग 4 घंटे में यात्रा पूरी होने का अनुमान है।
नए प्रोजेक्ट पर छूट की थी उम्मीद
बजट में रियल एस्टेट को बहुत ज्यादा राहत नहीं दी गई है। नए प्रोजेक्ट पर छूट की उम्मीद थी और बैंकों की लिमिट में भी राहत मिलनी चाहिए थी। इससे रियल एस्टेट कारोबार के तेजी से बढ़ने की संभावना रहती है। ऐसी कोई राहत नहीं मिली। - कमल ठाकुर, महामंत्री रियल एस्टेट डेवलपर्स एसोसिएसशन (रेडा)
आयकर की पेनल्टी से मिली है राहत
रियल एस्टेट को सीधे तौर पर बजट में कुछ खास नहीं दिया गया। हालांकि आयकर के कई प्रावधानों को लचीला करते हुए पेनल्टी हटाई गई हैं। इसका असर रियल एस्टेट पर पड़ेगा और लोग संपत्ति अर्जन में खर्चा करेंगे। - अतुल गुप्ता, एमडी एपेक्स ग्रुप।
प्रोजेक्ट फाइनेंसिंग से कम होगा खतरा
शहरों में विकास पर फोकस किया है। इससे मिक्सड यूज व कमर्शियल प्रोजेक्ट्स के नए अवसर बनेंगे। प्रोजेक्ट फाइनेंसिंग में इफ्रांस्ट्रक्चर रिस्क गारंटी जैसे उपाय से बिल्डरों के लिए जोखिम कम होंगे और फंडिंग के अवसर बढ़ेंगे। - अजय गुप्ता, एमडी इंडसवैली प्रा. लि.