बिजनौर से लौटते समय रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ मेरठ में कुछ देर के लिए रुके। इस दौरान सांसद डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेई और कैंट विधायक अमित अग्रवाल ने उनसे कैंट के मुद्दों पर बात की और मांगें रखीं।
देश के रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ ने कहा कि मेरठ छावनी क्षेत्र के लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। उनकी समस्याओं का समाधान कराया जाएगा। बिजनौर से लौटते समय मेरठ पहुंचे रक्षा राज्यमंत्री को सांसद डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेई और कैंट विधायक अमित अग्रवाल ने छावनी क्षेत्र की समस्याओं को दूर करने के लिए ज्ञापन दिए।
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कैंट विधायक ने छावनी क्षेत्र के विकास के लिए तत्काल 100 करोड़ रुपये तत्काल जारी करने की मांग उठाई। इसके साथ ही बंगलों को खाली नहीं कराने का अनुरोध किया। रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ मंगलवार को भाजपा के प्रदेश महासचिव संगठन धर्मपाल की मां के निधन पर उनके पैतृक गांव बिजनौर के हुरनंगला गांव में पहुंचे थे। वहां से लौटते समय मेरठ में मोहनपुरी स्थित सांसद डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेई के आवास पर पहुंचे। जहां पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने रक्षा राज्यमंत्री का स्वागत किया।
सांसद ने कहा कि मेरठ कैंट क्षेत्र के बाजारों से वर्ष 2024-25 में जीएसटी का कलेक्शन 3147.11 करोड़ रुपये हुआ, जिसमें से कैंट बोर्ड को हिस्सा मिलना चाहिए। शराब ठेके, पेट्रोल पंप, आयकर, बिजली ड्यूटी का अंश भी मिलना चाहिए। म्यूटेशन व सब डिवीजन का अधिकार कैंट बोर्ड को दिया जाए। सीवेज पंपिंग स्टेशन के लिए रक्षा मंत्रालय से भूमि दिलाने में मदद की जाए। इस अवसर पर विवेक वाजपेई आदि उपस्थित रहे।
इसके बाद संजय सेठ और पूर्व सांसद अजय मारू प्रगति नगर साकेत स्थित भाजपा कार्यकर्ता मनोज शास्त्री के आवास पर पहुंचे। भाजपा जिलाध्यक्ष शिवकुमार राणा, विमल शर्मा, दीपक शर्मा आदि मौजूद रहे। कैंट विधायक ने रक्षा राज्यमंत्री को छावनी परिषद की समस्याओं से अवगत कराया।
विधायक ने कहा कि छावनी क्षेत्र के सिविल क्षेत्र को नगर निगम में शामिल करना आवश्यक है। यह काम पूरा होने तक छावनी क्षेत्र के लैंड पॉलिसी में बदलाव किया जाए। लैंड पॉलिसी में बदलाव के बिना 2019 में जारी शासनादेश का भी लोगों को लाभ नहीं मिल रहा। इसके बिना नई भवन उप विधि का भी कोई लाभ नहीं मिलेगा।
छावनी क्षेत्र को दिए जाएं 100 करोड़ रुपये
छावनी क्षेत्र की गलियों व नालियों की दशा सुधारने के लिए तत्काल 100 करोड़ रुपये छावनी परिषद को जारी किए जाए। परिषद के कर्मचारियों का वेतन व पेंशन कई महीने तक लटकी रहती है। अमृत योजना-2 के अंतर्गत छावनी क्षेत्र में सीवर व्यवस्था की जाए। प्रधानमंत्री आववास योजना, मलिन बस्ती सुधार योजना व अमृत योजना को छावनी क्षेत्र में लागू किया जाए। जीएसटी में भी छावनी परिषद को अंशदान मिलना चाहिए। परिषद के विशेष अनुदान स्वीकृत किया जाए।
लोगों से खाली न कराए जाएं बंगले
राज्य मंत्री को बताया गया कि छावनी क्षेत्र में 100 वर्ष से अधिक समय से सिविल नागरिक रह रहे हैं। सैन्य प्रशासन द्वारा लोगों से आवासीय बंगले खाली कराने की प्रक्रिया चलाई जा रही है। जबकि छावनी क्षेत्र में काफी भूमि खाली पड़ी है, ऐसे में इन बंगलों को खाली ना कराया जाए। जिन बंगलों में गाड़ी मरम्मत आदि काम हो रहा है, उन्हें खाली कराया जाए। जब तक नगर क्षेत्र में शामिल किए जाने वाले छावनी क्षेत्र का चिन्हांकन व सीमांकन न हो जाए, तब तक बंगलों को खाली करने की कार्रवाई रोकी जाए।
79.2 करोड़ का सर्विस चार्ज चुकाए केंद्रीय विभाग
छावनी परिषद का केंद्रीय विभागों पर सर्विस चार्ज के 79.2 करोड़ रुपये बकाया है। इसमें रेलववे पर 17.2 करोड़ रुपये, आयकर विभाग पर 2.68 करोड़ रुपये, एनसीआरटीसी पर 57.7 करोड़ रुपये और सेंट्रल जीएसटी विभाग पर 1.62 करोड़ रुपये बकाया है। इस बकाया का तत्काल भुगतान कराया जाए। रक्षा राज्यमंत्री ने समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया।