परतापुर/ मेरठ। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे के चौथे चरण में एनएचएआइ को जद्दोजहद करनी पड़ रही है। जहां अभी तक जमीन अधिग्रहण के मामले पूरी तरह नहीं निपटे हैं। वहीं, बारिश ने भी पिछले एक सप्ताह से निर्माण कार्य पर रोक लगा दी थी। इसके अलावा कांवड़ यात्रा की वजह से भी परतापुर तिराहे पर चल रहे इंटरचेंज के कार्य को रोकना पड़ा। बृहस्पतिवार को एक बार फिर एक्सप्रेस-वे के कार्य में तेजी देखने को मिली। मौसम साफ होने की वजह से बहादरपुर अंडरपास से लेकर दिल्ली-मेरठ रेलवे लाइन के बीच एक इमरजेंसी अंडरपास बनाया जा रहा है। इसके लिए यहां बूम प्रेशर मशीन से अंडरपास का फर्श डालने का कार्य शुरू कर दिया गया है।
32 किलोमीटर के मेरठ-दिल्ली एक्सप्रेस-वे के चौथे चरण में डासना से मेरठ तक कार्य में मुख्य प्वाइंट परतापुर तिराहे से भोजपुर तक अगले एक माह मे 80 प्रतिशत के कार्य के पूरा होने की संभावना है। रेलवे लाईन के समीप 16 पिलर लगभग तैयार हैं। वहीं, अगले माह बहादरपुर से लेकर रेलवे लाइन तक 17 फुट तक मिट्टी भराव का काम किया जाएगा। इसके बाद रेलवे लाईन स्थित सभी पिलर पर गाटर रख कर सीधे आरओबी (रेलवे ओवर ब्रिज) से कनेक्टिविटी दी जाएगी। रेलवे लाइन के पास बने पिलर और आरओबी के बीच बना रैंप मुख्य प्वाइंट होगा। वहीं, दिल्ली से देहरादून जाने वाले वाहनो के लिए सर्विस रोड की व्यवस्था एनएचआई जल्द करने जा रही है। आरओबी के निकट 8 इंटरचेंज दिए जाने हैं, जिनमें 6 इंटरचेंजों पर काम शुरु कर दिया गया है।
एचटी लाइन हटाने का कार्य शुरू
अच्छरौंडा गांव के पीछे एक्सप्रेस-वे के बीच में आ रही हाईटेंशन लाइन को हटाने का कार्य शुरू कर दिया गया है, लेकिन सोलाना गांव के बीच में आ रही हाईटेंशन लाइन के लिए अभी एनएचएआइ ने कार्य शुरू नहीं किया है। अगर इस एचटी लाइन को भी हटाने का कार्य शुरू कर दिया जाए तो चौथे चरण का कार्य में बाधा नहीं आएगी।