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UP News: मेरठ में दिन निकलते ही मिले तीन बच्चों के शव, मां-बाप का कलेजा फटा, गूंजती रही चीत्कार

Mon, 04 Aug 2025 08:45 AM IST
मोहम्मद मुस्तकीम अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ

सार

Death of three children: कस्बा से रविवार दोपहर से तीन छोटे बच्चे शिवांश, ऋतिक और मानवी गायब थे। उनकी तलाश की जा रही थी। सोमवार तड़के घर के पास ही एक प्लॉट में तीनों बच्चों के शव बरामद हुए। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। 
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ऋतिक, शिवांश और मानवी। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कस्बा सिवालखास से रविवार दोपहर से लापता तीन बच्चों के शव सोमवार सुबह घर के पास ही स्थित एक प्लॉट में मिले। बच्चों के शव देखते ही परिजनों में कोहराम मच गया। रो-रोकर उनका बुरा हाल हो गया। वहीं ग्रामीणों ने चौकी पर हंगामा करते हुए हत्यारों को गिरफ्तार करने की मांग की। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। सीओ का कहना है कि जांच के बाद ही पता चलेगा कि बच्चों की मौत का कारण क्या है। 
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पुलिस चौकी पर हत्यारों को पकड़ने की मांग करते लोग। - फोटो : अमर उजाला
कस्बा सिवालखास वार्ड एक निवासी श्रीचंद्र के पुत्रों जितेंद्र और मोनू के घर आसपास हैं। उनके घर के सामने हिम्मत का घर है। परिजनों के अनुसार जितेंद्र की सात वर्षीय पुत्री मानवी, मोनू का आठ वर्षीय पुत्र शिवांश और हिम्मत का आठ वर्षीय पुत्र ऋतिक रविवार सुबह 10 बजे घर के बाहर खेल रहे थे। 
 

दोपहर में परिजनों ने खाना खाने के लिए उन्हें घर के बाहर ढूंढा, लेकिन उनका कुछ पता नहीं चल पाया। इसके बाद आसपास के घरों और गली में उनकी तलाश शुरू की गई, लेकिन उनका सुराग नहीं लग पाया। किसी अनहोनी की आशंका में परिजनों ने उनकी कस्बे में तलाश शुरू कर दी।


 

कस्बे में अनाउंसमेंट भी करवाया गया। इसके बाद ग्रामीणों और परिजनों ने आसपास के खेतों और गांवों में तलाश शुरू की। देर रात तक भी उनका कुछ पता नहीं चल पाया। घटना की जानकारी पुलिस को दी गई। पुलिस ने भी लापता तीनों बच्चों की तलाश शुरू कर दी है। सीओ सरधना आशुतोष कुमार का कहना था कि बच्चों की तलाश की जा रही है। 


 
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सोमवार सुबह करीब साढ़े पांच बजे शिवांश, ऋतिक और मानवी के शव उनके घर के पास ही खाली पड़े प्लॉट में मिले। जानकारी मिलते ही परिजन रोते-बिलखते मौके पर पहुंचे। थाने पर भी हंगामा किया। महिलाओं का रो-रोकर बुरा हाल था। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। 
नर्सरी और यूकेजी के हैं छात्र
परिजनों ने बताया कि शिवांश कक्षा यूकेजी, ऋतिक नर्सरी में पढ़ता था। मानवी अभी स्कूल नहीं जाती थी। तीनों बच्चों के पिता मजदूरी करते हैं। 

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