सरधना पुलिस ने छात्रा के जले हुए कपड़े कब्जे में ले लिए। जेल भेजने से पहले आरोपियों के फ्रिंगर प्रिंट भी ले लिए थे। पुलिस का कहना है कि छात्रा के कपड़े और फिंगर प्रिंट को फोरेंसिक लैब भेजा है। ताकि घटना में शामिल आरोपियों का मिलान हो सके।
रोहित को बनाया गया मुख्य आरोपी
पुलिस का कहना कि चार्जशीट में मुख्य आरोपी रोहित कुमार को बनाया जाएगा। अन्य चारों आरोपी सहयोगी बनेंगे। लेकिन पांचों आरोपियों पर एक समान धारा लगी है। एसपी देहात राजेश कुमार का कहना है कि आरोपियों को पुलिस ने जेल भेज दिया है।
छात्रा की सलामती के लिए किया हवन पूजन
निर्धन कन्या सेवा समिति द्वारा चौधरी चरण सिंह पार्क में हवन पूजन किया गया। इस दौरान बिटिया के जल्द स्वस्थ होने की कामना की गई। अध्यक्ष ठाकुर सचिन तोमर ने कहा कि सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। जीतू नागपाल, सुचीता, मंजू, सुनीता, कल्पना शर्मा, नीमू, कुशान वंदना शोएब, अमित, सुनील कक्कड़ आदि मौजूद रहे।
राजपूत महासभा ने जाना बिटिया का हाल
पल्लवपुरम से राजपूत महासभा जनपद मेरठ के पदाधिकारियों ने सफदरजंग अस्पताल जाकर बिटिया का हाल जाना। महासभा के जिलाध्यक्ष सोमवीर सिंह राघव के नेतृत्व में गए प्रतिनिधिमंडल ने बिटिया के स्वास्थ्य की कामना की। साथ ही परिजनों को दस हजार रुपये आर्थिक सहायता दी। राकेश सोम, बिजेंद्र पाल सिंह सिसौदिया, सुखपाल सिंह भाटी, देवराज सोम आदि मौजूद रहे।
सरधना बंद का निर्णय वापस लिया
राजपूत उत्थान सभा एवं संयुक्त व्यापार मंडल के संयुक्त तत्वावधान में शनिवार को नगर में बाजार बंद करने का आह्वान किया था। वहीं, इस मामले में राजपूत उत्थान सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अजय सोम ने शनिवार को सरधना बंद करने का निर्णय वापस ले लिया। बताया कि बाजार बंद करने की अग्रिम तिथि की घोषणा जल्द की जाएगी। उन्होंने कस्बे की छात्रा को न्याय दिलाने के लिए सरधना बंद का आह्वान किया था।
कोतवाली पर सपाइयों का प्रदर्शन, 60 पकड़े
सपा कार्यकर्ताओं ने पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष सीमा प्रधान एवं सपा विधान सभा क्षेत्र अध्यक्ष सैय्यद मुमताज अली के नेतृत्व में एक कार्यकर्ता को शांतिभंग की आशंका में जेल भेजने के खिलाफ कोतवाली पर धरना-प्रदर्शन किया। पुलिस द्वारा लगभग साठ कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया। हालांकि उन्हें बाद में मुचलके पर छोड़ दिया। करीब तीन घंटे बाद रात साढे़ आठ बजे धरना-प्रदर्शन समाप्त हुआ।
बता दें कि 17 अगस्त को छेड़छाड़ के विरोध में जलाई गई छात्रा का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। घटना के विरोध में धरना-प्रदर्शन हो रहे हैं। वहीं, पुलिस ने प्रदर्शन के लिए भीड़ को उकसाने के आरोप में अतुल समर्थक ललित गुर्जर का शुक्रवार को शांतिभंग में चालान कर दिया। इससे सपाइयों में पुलिस-प्रशासन के खिलाफ रोष फैल गया। उन्होंने पुलिस पर तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाया। प्रदर्शन के दौरान कई बार सपाइयों एवं पुलिसकर्मियों में नोकझोंक हुई। इस पर कोतवाली के दोनों गेट पर फोर्स लगा दी गई और प्रदर्शन में शामिल लोगों की वीडियो बनाने तथा उनके नाम पता लिखने पर सपाई उग्र हो गए। इस पर पुलिस एवं पीएससी ने लाठी फटकार कर भीड़ को तितर-बितर किया। वहीं, करीब 60 सपा कार्यकर्ताओं को सीमा प्रधान के नेतृत्व में गिरफ्तार कर लिया। हालांकि बाद में उन्हें मुचलके पर रिहा कर दिया।
सीमा प्रधान ने कहा कि सरकार न्याय की आवाज उठाने वाले लोगों का उत्पीड़न कर रही है। उधर, कृष्णपाल गुर्जर ने पुलिस महकमे के उच्चाधिकारियों के साथ मानवाधिकार आयोग दिल्ली को फैक्स भेजकर अपने भाई ललित को गिरफ्तार करने की शिकायत की। इस मामले में सपा नेता अतुल प्रधान ने बताया कि वह छात्रा को देखने के लिए सफदरजंग अस्पताल गए थे। सुहेलशाह, अतीक अहमद, मंजूर मलिक, विनोद कालंदी, सपा नगराध्यक्ष सलीम अंसारी, अतीक अहमद, हाजी शफीकुद्दीन अंसारी आदि सपाई मौजूद रहे। सीओ संतोष कुुमार ने बताया कि सपाइयों को मुचलके पर रिहा कर दिया।
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