36 हजार वर्गमीटर क्षेत्र में विकसित होगा पार्क
प्राधिकरण की ओर से वेदव्यासपुरी में लगभग 36 हजार वर्गमीटर भूमि इस परियोजना के लिए चिह्नित की गई है। पार्क में शोरूम, थोक व्यापार केंद्र, कारीगर कार्यशालाएं, उत्पादन इकाइयां, प्रदर्शनी स्थल, बैंकिंग सुविधाएं और साझा सेवा केंद्र विकसित किए जाएंगे। उद्देश्य यह है कि आभूषण कारोबार से जुड़ी सभी गतिविधियां एक ही परिसर में संचालित हो सकें।
सुरक्षा और आधुनिक सुविधाओं पर विशेष जोर
परियोजना में एक मुख्य प्रवेश द्वार, अलग-अलग व्यापारिक खंडों के लिए पृथक प्रवेश व्यवस्था और खरीदारों व विक्रेताओं के ठहरने की सुविधा भी प्रस्तावित की गई है। अधिकारियों का कहना है कि इससे सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी और कारोबार संचालन अधिक व्यवस्थित ढंग से हो सकेगा।
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बैठक में मौजूद अधिकारी व सराफ
- फोटो : अमर उजाला
रोजगार और निर्यात को मिलेगी नई गति
व्यापारिक संगठनों का मानना है कि ज्वैलरी पार्क बनने से मेरठ का आभूषण उद्योग राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान हासिल करेगा। इससे उत्पादन क्षमता बढ़ेगी, निर्यात को प्रोत्साहन मिलेगा और बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। कारोबारियों की नजर अब भूखंड आवंटन और प्रस्तावित दरों पर टिकी हुई है।