वहीं जवाबी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने भी फायरिंग करना शुरू कर दिया, जिसमें साजिद के पैर में गोली लग गई। पैर में गोली लगने से वह घायल हो गया। लेकिन उसका 20 हजार का इनामी गोकश समरेज भागने में कामयाब रहा। आरोपियों पर गौकशी के कई मुकदमे हैं। जिनमें आरोपी फरार चल रहे थे।
आरोपी साजिद ने पुलिस पूछताछ में बताया कि उसने अपने साथियों के साथ मिलकर जन्माष्टमी के मौके पर कस्बा हर्रा और जसड सुल्तान नगर गांव के जंगल में गौकशी की घटनाओं को अंजाम दिया था। आरोपी दूध न देने वाली गाय को पालने के बहाने सस्ते दामों में खरीद लेते थे। इसके बाद रात में जंगल में ले जाकर गौकशी की घटना को अंजाम देते थे। इसके बाद उसका साथी समरेज पुत्र जोनी व शौकत पुत्र जाबिर निवासी नगंला भनवाड़ा गोमांश को गाड़ियों में भरकर बेचने के लिए निकल जाते थे। वहीं, थाना पुलिस पूर्व में भी आरोपी लुकमान पुत्र भुरू व उसके दो पुत्रों सहित पांचली निवासी तीन महिलाओं को जेल भेज चुकी है।
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गौकशी की घटना के बाद बजरंग दल व विहिप के हंगामे के बीच एसएसपी रोहित सिंह सजवाण ने तत्कालीन चौकी प्रभारी संजय कुमार सहित चार सिपाहियों को निलंबित कर दिया था। तब से पुलिस सतर्कता बरत रही थी। लेकिन सोमवार को एक बार फिर कक्केपुर गांव के जंगल में भारी मात्रा में मिले गोमांश के बाद बजरंग दल व विहिप कार्यकर्ताओं ने हंगामा करते हुए गौकशी की घटनाओं को रोकने और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।