मेरठ में करीब 22 साल पहले थाना सरधना में एक बंदी द्वारा फांसी लगाए जाने के मामले में पंचम अपर जिला जज मंजीत सिंह श्यौरान ने तत्कालीन इंस्पेक्टर जयचंद सिंह व आरक्षी भगीरथ सिंह को 10-10 साल कारावास व अर्थदंड से दंडित किया है। वहीं तीन आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया।
थाना सरधना में सात अगस्त 1996 को लूट के नामजद आरोपी रविन्दर पुत्र महीपाल सिंह निवासी ग्राम शौरम थाना शाहपुर जिला मुजफ्फरनगर ने हवालात में बने शौचालय में जंजीर से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। रविन्दर की संदिग्ध हालात में पुलिस हिरासत में मौत हुई।