सरूरपुर के तत्कालीन थाना प्रभारी ने साल 2008 में उधम सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। इस मामले की सुनवाई और गवाहों के बयान के बाद कोर्ट ने उधम को दो साल दस माह की सजा सुना दी।
सरूरपुर थाना क्षेत्र के कस्बा करनावल निवासी कुख्यात गैंगस्टर उधम सिंह को वर्ष 2008 में दर्ज एक मामले में दोषी करार देते हुए न्यायालय ने दो वर्ष दस माह कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही कोर्ट ने उस पर पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
विज्ञापन
सीओ सरधना आशुतोष कुमार ने बताया कि 15 जुलाई 2008 को तत्कालीन थाना प्रभारी संजीव चौहान ने उधम सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप था कि उधम सिंह ने जमानत पर रहते हुए अवैध आर्थिक लाभ अर्जित करने के उद्देश्य से क्षेत्र में भय का माहौल बना रखा था। इस संबंध में थाना पुलिस ने जांच पूरी कर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया था।
इस मामले की सुनवाई के दौरान पुलिस पक्ष ने अपने गवाह और साक्ष्य प्रस्तुत किए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद बृहस्पतिवार को न्यायालय ने उधम सिंह को दोषी मानते हुए सजा का एलान किया। हालांकि कुख्यात उधम सिंह पहले से ही अन्य मामलों में उन्नाव जेल में बंद है। क्षेत्र में उधम सिंह का नाम लंबे समय से आपराधिक गतिविधियों से जुड़ा रहा है। कोर्ट के इस फैसले को पुलिस प्रशासन ने कानून व्यवस्था के लिहाज से अहम बताया है।