छीपी टैंक पर प्लांट का निरीक्षण और हापुड़ रोड पर कमेले के पास जर्जर हालत में मिला पंपिंग स्टेशन।
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गंदगी, टूटी सड़कें, चोक सीवर लाइनें और पानी की खराब हालत से जुझते मेरठ की समस्याओं के समाधान के लिए बनीं सरकारी योजनाएं नगर निगम, जल निगम और विकास प्राधिकरण के अफसरों के भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गईं। अब महापौर हरीकांत अहलूवालिया शहर में निरीक्षण के लिए निकले तो इसकी पोल खुलना शुरू हुई।
वहीं, बृहस्पतिवार को महापौर ने छीपीं टैंक और शास्त्री नगर ए ब्लाक स्थित सीवर पंपिंग स्टेशन पर निरीक्षण किया तो दोनों स्टेशन की हालत खराब मिली। मोटर जर्जर हालत में मिले। इसके अलावा 250 करोड़ की लागत से बने शहर के एसटीपी व एसपीएस बंद पड़े हैं। कई जगह मशीनों की हालत जर्जर और सामान तक चोरी हो चुका है। जबकि पिछले पांच सालों में इनके रखरखाव के नाम पर 25 करोड़ खर्च कर दिए गए, लेकिन हकीकत उलट है।