मेरठ कॉलेज में एलएलबी में एडमिशन के लिए रजिस्ट्रेशन कराने को हरी झंडी मिल गई है। बुधवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 2016-17 के लिए रजिस्ट्रेशन कराने का निर्देश दे दिया। कोर्ट ने कहा बार काउंसिल ऑफ इंडिया के नियमों से 15 दिन के अंदर कॉलेज के लॉ डिपार्टमेंट का निरीक्षण कराकर रिपोर्ट पेश की जाए। आदेश की कॉपी मिलते ही विवि कॉलेज में रजिस्ट्रेशन ओपन कर देगा।
गौरतलब है कि बीसीआई ने मेरठ कॉलेज के लॉ डिपार्टमेंट की मान्यता को रद कर दिया था। इस वजह से विवि ने सत्र 2016-17 में रजिस्ट्रेशन कराने से मना कर दिया। कॉलेज ने निरीक्षण करने आई बीसीआई की टीम और सूचना नहीं मिलने को आधार बनाकर हाईकोर्ट में रिट दायर की थी। कॉलेज का कहना था कि तीन सदस्य निरीक्षण टीम के दो सदस्य फिलहाल जेल में हैं।
निरीक्षण की सूचना भी उन्हें समय से नहीं मिली। हाईकोर्ट ने सुनवाई करते हुए बीसीआई के चेयरमैन को बुलाया था। बुधवार को कोर्ट ने मेरठ कॉलेज को सत्र 2016-17 के लिए एलएलबी में रजिस्ट्रेशन करने के अनुमति दे दी। यह अनुमति बीसीआई के नियम के आधार पर मिली है। नियम में यह है कि कोई भी फैसला अगले सत्र से लागू होगा। लिहाजा वर्तमान सत्र में रजिस्ट्रेशन कराने से परेशानी नहीं है। कॉलेज इसको इस तरह समझ रहा है कि इस साल एलएलबी की 840 सीट पर एडमिशन हो सकेंगे। कोर्ट ने 15 दिनों में बीसीआई के नियम मुताबिक लॉ विभाग का निरीक्षण कराकर रिपोर्ट देने को कहा है।
कॉलेज और आवेदकों को राहत
कोर्ट के फैसले से न केवल कॉलेज बल्कि आवेदकों को भी राहत मिली है। एडेड कॉलेजों में मेरठ कॉलेज में एलएलबी की सबसे अधिक 840 सीट हैं। फीस भी कम है। 920 रुपये प्रति वर्ष फीस है। कम खर्च पर प्रतिभाशाली छात्रों को एलएलबी करने का मौका मिलेगा। निरीक्षण के बाद कॉलेज की सीट घट सकती हैं, लेकिन वह नए सत्र में लागू होगा। उधर, कोर्ट से एनएएस कॉलेज को भी राहत मिल सकती है। बीसीआई ने एनएएस कॉलेज की भी मान्यता खत्म की थी। कॉलेज कोर्ट गया है।