MEERUT : 40 किमी दूर बैठे अधिकारी, कैसे नजर आएगी सड़क की खामी
मेरठ। शहर की सड़कें पैदल चलने योग्य भी नहीं बची हैं। हर सड़क में कदम-कदम पर गहरे गड्ढे हो गए हैं। सड़कों की देखरेख के जिम्मेदार एनएच गाजियाबाद के अधिकारी 40 किलोमीटर दूर बैठे हैं। यानि दफ्तर में बैठकर ही सड़कों की निगरानी की जा रही है। यही वजह है कि अफसर जनता की परेशानी नहीं समझ पा रहे हैं। शहर की बदहाल सड़कों की स्थिति से जिम्मेदारों को अवगत कराने के लिए अमर उजाला ने लगातार अभियान चलाया हुआ है।
दरअसल बेगमपुल से हापुड़ अड्डा चौराहा होते हुए तेजगढ़ी चौराहे तक जाने वाली सड़क के मेंटेनेंस की जिम्मेदारी एनएच गाजियाबाद की है। वर्तमान में यह सड़क जगह-जगह से उखड़ गई है। सड़क में कदम-कदम पर गड्ढों के कारण हादसे का डर बना हुआ है। यह मार्ग हापुड़ रोड को गढ़ रोड से जोड़ने वाला मुख्य मार्ग है। 24 घंटे सड़क पर हल्के और भारी वाहन दौड़ते हैं। सड़क की बदहाली के कारण रोड पर बार-बार ट्रैफिक जाम की स्थिति भी बनती है। जिस कारण लोग परेशान रहते हैं। लोगों का कहना है कि कई बार सड़क निर्माण की मांग कर चुके हैं, लेकिन जिम्मेदार अफसर सड़क की सुध भी नहीं ले रहे हैं।
स्मार्ट सिटी के मॉडल रोड में भी शामिल
एनएच गाजियाबाद को सड़क का रखरखाव करना है, लेकिन बताया जा रहा है कि यह मार्ग स्मार्ट सिटी में मॉडल रोड़ के रूप में लिया गया है। इसका प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है, यानि अफसर सड़क निर्माण के लिए प्रस्ताव पर शासन की मुहर का इंतजार कर रहे हैं। ऐसे में अगले वित्तीय वर्ष में ही शहर की जनता को गड्ढा मुक्त सड़क मिल पाएगी।