मुख्य पोर्च के सामने भी अस्थायी कार्यालय स्थापित किए गए हैं। नई इमारत केवल आधुनिक सुविधाओं का केंद्र नहीं होगी, बल्कि इसमें 1857 की क्रांति की झलक भी देखने को मिलेगी, जिससे स्टेशन को एक अलग सांस्कृतिक पहचान मिलेगी।
स्टेशन का स्वरूप किसी बड़े मॉल से कम नहीं होगा। यहां वातानुकूलित वेटिंग रूम, अत्याधुनिक टिकट काउंटर, चौड़े प्रवेश और निकास द्वार, लिफ्ट, एस्केलेटर और पर्याप्त पार्किंग की व्यवस्था होगी। शॉपिंग कॉम्पलेक्स और ‘वन स्टेशन वन प्रोडक्ट’ कियोस्क यात्रियों को खरीदारी का नया अनुभव देंगे।
निर्माण कार्य के दौरान यात्रियों की सुरक्षा और सुचारू संचालन को ध्यान में रखते हुए वाहन पार्किंग क्षेत्र को बैरिकेड कर दिया गया है। रेलवे प्रशासन के अनुसार अगले माह से पुरानी इमारत को ध्वस्त करने का कार्य शुरू होगा। इस दौरान वर्तमान टिकट खिड़कियों को पार्सल घर की ओर स्थानांतरित किया जाएगा, ताकि यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
तकनीक के स्तर पर भी स्टेशन पूरी तरह हाईटेक होगा। एयरपोर्ट की तर्ज पर बड़े एलईडी डिस्प्ले बोर्ड, मजबूत पब्लिक एड्रेस सिस्टम और फ्री वाई-फाई की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। सुरक्षा के लिए स्टेशन परिसर में हाई-रेजोल्यूशन सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे, वहीं यात्रियों के लिए आरओ आधारित शुद्ध पेयजल व्यवस्था भी की जाएगी।
कार्य युद्ध स्तर पर शुरू
सांसद अरुण गोविल ने कहा कि अमृत भारत योजना के तहत मेरठ सिटी स्टेशन को हरिद्वार कुंभ से पहले वर्ल्ड क्लास बनाया जाएगा। स्टेशन अधीक्षक सुनील जैन के अनुसार रेलवे बोर्ड के निर्देशन में कार्य तेजी से शुरू हो चुका है। कुंभ के दौरान तक बड़ा हिस्सा पूरा होने की उम्मीद है। आने वाले दिनों में मेरठ सिटी स्टेशन न केवल यात्रा का केंद्र होगा, बल्कि शहर की नई पहचान भी बनेगा।