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करोड़ों खर्च फिर भी समस्या ज्यों की त्यों : हल्की बारिश में ही जलमग्न हो जाता है शहर, घरों तक पहुंच रहा पानी

Sat, 24 Jul 2021 03:05 PM IST
Dimple Sirohi राजकुमार सैनी, अमर उजाला, मेरठ

सार

नाले की पटरी पर अतिक्रमण होने के कारण मशीनों से सफाई नहीं कराई जा सकती है। आबादी के बीच से गुजर रहे नाले की पटरियों पर लोगों ने कब्जा कर लिया है।  नगर निगम के चीफ इंजीनियर यशवंत कुमार का कहना है कि गाजियाबाद की एक फर्म को नाला सफाई का काम दिया गया था। ठेकेदार ने दो बार नाले की सफाई की है। अब फिर से नाले में सिल्ट जमा हो गई है।   
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बारिश से हुआ जलभराव - फोटो : Amar Ujala Meerut
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विस्तार
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मेरठ में सीवर सिस्टम पर 600 करोड़ रुपये खर्च करने के बावजूद शहर को जलभराव से मुक्ति नहीं मिली है। शहर से सीवर जागृति विहार स्थित ट्रीटमेंट प्लांट में पहुंचने के बजाए सड़कों पर बह रहा है। जलनिगम ने कमेला जोन में सीवर लाइन को चालू ही नहीं किया है। सीवर ट्रीटमेंट प्लांट को ओडियन नाले के पानी से चलाया जा रहा है। हल्की बारिश में जलभराव हो जाता है।
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जेएनएनयूआरएम योजना से लगभग 500 करोड़ रुपये खर्च करके सीवर लाइन डाली गई। वहीं, जागृति विहार में 72 एमएलडी का सीवर ट्रीटमेंट प्लांट लगाया, जिसे अभी मात्र 32 एमएलडी सीवर ही मिल रहा है। बाकी सीवर ओडियन नाले से लेकर प्लांट चलाने का दावा किया जा रहा है। 

2020 में पूरा होना था प्रोजेक्ट, अभी खोदाई ही चल रही 
72 एमएलडी एसटीपी को पर्याप्त सीवर देने और जलभराव से निजात के लिए 2018 में कमेला जोन में सीवर लाइन का प्रोजेक्ट शुरू हुआ था। प्रोजेक्ट 2020 में पूरा होना था, लेकिन कार्य अधूरा पड़ा है। शहर में जगह जगह सीवर लाइन और सीवर मैनहोल के लिए खोदाई चल रही है। हापुड़ रोड स्थित पुराना कमेला से ईव्ज चौराहा तक 10 स्थानों पर लाइनों पर सीवर को जोड़ा जाना है। अभी तक सीवर लाइन जोड़ने के लिए सड़क खोदाई की अनुमति ही नहीं मिली है।
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यह बनाई गई थी योजना
जोन की सीवर लाइन को एसटीपी पहुंचने वाली मुख्य लाइन से जोड़ा जाना था। शहर की गली मोहल्लों में घरों से नाले में पहुंचने वाला सीवर सीधे पाइप लाइन के माध्यम से एसटीपी पहुंचना था। जिसको साफ करके काली नदी में डाला जाना है। इस समय ओडियन नाला, आबूनाला प्रथम और आबूनाला द्वितीय के माध्यम से गंदा पानी काली नदी में पहुंच रहा है।   

कमेला जोन के इन इलाकों में डाली जा रही सीवर लाइन 
जाकिर इस्लामाबाद, नौचंदी, कैलाश पुरी, हापुड़ अड्डा चौराहा, गोलाकुंआ, शाहपीर गेट, बुढ़ाना गेट, छतरी वाला पीर, घंटाघर, शहर सराफा, कबाड़ी बाजार, ओडियन नाला मार्ग, ब्रह्मपुरी, लिसाड़ी गेट, प्रहलाद नगर, लिसाड़ी रोड, जाकिर कॉलोनी, बुनकर नगर, शास्त्री नगर में सीवर लाइन डालने का कार्य चल रहा है।  

20 मिनट की बारिश से सड़कों पर जलभराव
सिर्फ 20 मिनट की बारिश से शहर के कई इलाकों में जलभराव हो गया। बारिश बंद होने के एक घंटे बाद तक भी पानी नहीं उतरा। शुक्रवार दोपहर लगभग सवा बजे तेज बारिश हुई। बारिश से शहर के गोला कुआं, प्रहलाद नगर, नई सड़क शास्त्री नगर, बच्चा पार्क से छतरी वाला पीर, ब्रह्मपुरी, नीचा सद्दीक नगर, सरायलाल दास इलाकों में जलभराव हो गया। हालांकि पूरे शहर में बारिश नहीं हुई। नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. गजेंद्र कुमार का कहना है कि छोटे नालों की सफाई कई-कई बार करा दी गई है, लेकिन लोग नालों में कूड़ा डालकर चोक कर रहे हैं।
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सुभाष नगर का नाला चोक कब होगी सफाई
इंदिरा चौक से सुभाष नगर होते हुए मोहनपुरी सूरजकुंड की तरफ जाने वाला नाला कचरे से भरा है। इसकी नाले की सफाई को लेकर पार्षद ने आत्मदाह की चेतावनी दी हुई है। नगर निगम का दावा है कि नाले की मैनुअल सफाई तो कराई गई है, लेकिन नाले में फिर से सिल्ट जमा हो गई है।

नाले की पटरी पर अतिक्रमण होने के कारण मशीनों से सफाई नहीं कराई जा सकती है। आबादी के बीच से गुजर रहे नाले की पटरियों पर लोगों ने कब्जा कर लिया है।  नगर निगम के चीफ इंजीनियर यशवंत कुमार का कहना है कि गाजियाबाद की एक फर्म को नाला सफाई का काम दिया गया था। ठेकेदार ने दो बार नाले की सफाई की है। अब फिर से नाले में सिल्ट जमा हो गई है।   

सीवर लाइन का कार्य 90 प्रतिशत पूरा
कमेला जोन में सीवर लाइन डालने का 90 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। कुछ स्थानों पर सीवर मैनहोल बनाए जा रहे हैं। हाईवे पर सीवर लाइन को जोड़ने के लिए प्राधिकरण से अनुमति मांगी गई है। अनुमति मिलते ही दस स्थानों पर सीवर लाइन को जोड़ने का काम शुरू करा दिया जाएगा।  - रमेश चंद्रा, परियोजना प्रबंधक,  जल निगम  
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