शुक्रवार को नफीस के घर रिश्तेदार आ गए। वह अपनी कार रास्ते में एक साइड में खड़ी करके अंदर चले गए। इसी बीच अरहान खेलता हुआ घर से बाहर आ गया। वह अनलॉक कार की खिड़की को खोलकर कार के अंदर बैठ गया। इसके बाद कार अचानक लॉक हो गई। अरहान की शीशे बंद कार के अंदर ही दम घुटने से तड़पकर मौत हो गई। परिवार के लोग दो-तीन घंटे तक उसकी गांव में तलाश करते रहे, लेकिन उसका पता नहीं चला।
वहीं, रिश्तेदारों ने अपने घर जाने के लिए जैसे ही कार का दरवाजा खोला तो अरहान का शव कार की सीट पर पड़ा मिला। उसे देख परिजनों में कोहराम मच गया। इसके बाद सूचना देकर अरहान के पिता सलीम को शेखपुरा से बुलाया गया। वह अरहान के शव को लेकर गांव शेखपुरा चले गए। यहां परिजनों ने बिना पुलिस कार्रवाई के शव सुपुर्द-ए-खाक कर दिया।
तेज धूप में खड़ी कार में बनती हैं खतरनाक गैस
विशेषज्ञों के मुताबिक कारों में लगे डैश बोर्ड, सीट कवर, मैट, छत, हैंडल व एयर फ्रेशनर में कई केमिकल के साथ बेंजीन मौजूद होती है। जब बहुत देर धूप में पार्किंग में खड़ी कार का गेट खोलकर चालक अंदर बैठता है तो प्लास्टिक के साथ कुछ दूसरे अलग केमिकल की दुर्गंध महसूस होती है।
इस पर ध्यान देना बेहद जरूरी है, क्योंकि यही दुर्गंध संकेत देती है कि एसी ऑन करने से पहले खिड़की के शीशे उतार दें। बेंजीन बेहद खतरनाक हाइड्रोकार्बन है, जो शरीर के लिए घातक है।
धूप में खड़ी कार में पॉलिस से ओजोन, हाइड्रोजन डाइआक्साइड व कार्बन डाइआक्साइड जैसी खतरनाक गैसों का उत्सर्जन होता रहता है। इससे इंसान का दम घुट सकता है। इससे इंसान की मौत हो जाती है।