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Meerut: चाची-भतीजे की मौत का मामला, बड़ा आरोप- पहले स्कॉर्पियो गाड़ी से मारी टक्कर, तब कैंटर ने कुचले

Sun, 30 Apr 2023 01:00 AM IST
कपिल kapil अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ

सार

Meerut News : चाची-भतीजे की मौत के मामले में शनिवार को परिजनों ने मेरठ के खरखौदा थाने में तहरीर दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले स्कॉर्पियो गाड़ी से टक्कर मारी। इसके बाद कैंटर ने कुचला, जिससे चाची और भतीजे की मौत हुई।
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सड़क हादसा - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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मोहित पब्लिकेशन हाउस के मालिक मोहित गर्ग और उनकी चाची चित्रा गर्ग की मौत के मामले में परिजनों ने बुलंदशहर के डॉ. संजीव अग्रवाल और पुलिस पर संगीन आरोप लगाए हैं। शनिवार को चेतन प्रकाश गर्ग की ओर से मेरठ के खरखौदा थाने में तहरीर दी गई। इसमें बताया गया कि पुलिसकर्मी और डॉ. संजीव अग्रवाल स्कॉर्पियो गाड़ी में डालकर जबरदस्ती उन्हें लेकर जा रहे थे। उस समय मोहित अपनी चाची चित्रा के साथ स्कूटी पर स्कॉर्पियो का पीछा कर रहे थे।

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तहरीर में आरोप लगाया कि स्कॉर्पियो चला रहे डॉ. संजीव ने जान से मारने की नीयत से स्कूटी में टक्कर मार दी। इससे स्कूटी का संतुलन बिगड़ा, तभी मोहित और चित्रा पीछे से आ रहे कैंटर की चपेट में आ गए। हादसे के बाद दोनों की मौत हो गई। जब यह घटना हुई, उस समय हापुड़ की ओर से विकास गर्ग भी अपनी पत्नी के साथ आ रहे थे, जिन्होंने यह पूरा घटनाक्रम देखा है। आरोप है कि योजनाबद्ध तरीके से दोहरे हत्याकांड को अंजाम दिया गया है।

घर में घुसकर की छेड़छाड़ और मारपीट : प्रमोद गर्ग
वहीं, मृतक मोहित के पिता प्रमोद गर्ग की ओर से टीपीनगर थाने में तहरीर दी गई। इसमें बताया गया कि बुलंदशहर निवासी डॉ. संजीव अग्रवाल के साथ रुपये का लेनदेन चल रहा है, इसका मामला कोर्ट में विचाराधीन है। डॉ. संजीव की ओर से पहले भी तीन गलत मामले दर्ज कराए गए थे। इसमें जांच के बाद फाइनल रिपोर्ट लग चुकी है। 27 अप्रैल की रात डॉ. संजीव के साथ कुछ पुलिसकर्मी और अन्य लोग आए। 
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आरोप है कि उन्होंने घर में घुसकर चेतन प्रकाश गर्ग के साथ मारपीट की। परिवार की बेटी का गलत नीयत से हाथ पकड़ा और छेड़छाड़ की। जब चेतन प्रकाश ने इसका विरोध किया तो उन्हें जबरदस्ती स्कार्पियो गाड़ी में डालकर ले गए।

यह था मामला...
हापुड़ कोतवाली पुलिस ने 27 अप्रैल की रात टीपीनगर निवासी चेतन प्रकाश गर्ग के मकान पर छापेमारी की थी। चेक बाउंस के मामले में उन्हें स्कार्पियो में लेकर जा रहे थे। मोहित गर्ग अपनी चाची के साथ पीछा कर रहे थे। घोसीपुर में कैंटर की टक्कर लगने से मोहित और उनकी चाची की मौत हो गई थी। इस मामले में शुक्रवार को भी तहरीर लिखी गई थी, लेकिन बाद में परिजनों ने दूसरी तहरीर देने की बात कही थी, जो शनिवार को दी गई।

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मोहित गर्ग के परिजनों की ओर से खरखौदा थाने में जो तहरीर दी गई है, उस पर केस दर्ज कर लिया गया है जबकि टीपीनगर थाने में दी गई तहरीर पर अभी जांच की गई है। - कमलेश बहादुर, एसपी देहात
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जांच के बाद हापुड़ पुलिस पर हो सकती है कार्रवाई

मेरठ में वारंटी व्यापारी प्रमोद गर्ग को उठाने गई हापुड़ पुलिस की टीम पर फिलहाल कोई कार्रवाई नहीं हुई है, लेकिन जांच के बाद मामले में गाज गिर सकती है। चर्चा है कि पुलिस के साथ वादी के अलावा कुछ अन्य लोग भी मौजूद थे। मेरठ पुलिस चेतन प्रकाश के घर में बनाए गए वीडियो की जांच कर रही है। ऐसे में हापुड़ पुलिस की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

प्रमोद गर्ग को पकड़ने गई हापुड़ पुलिस जमानती वारंटी उसके भाई चेतन प्रकाश को गाड़ी में लेकर आ रही थी। पुलिस के पीछेे आ रही उनकी पत्नी चित्रा व भतीजे मोहित गर्ग की स्कूटी दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। इसमें दोनों की मौत हो गई। इस मामले में पीड़ित पक्ष की ओर से टीपीनगर और खरखौदा थानों में तहरीर दी गई है। मेरठ पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं। सूत्रों की माने तो अभी तक जांच में सामने आया है कि हापुड़ से पांच पुलिसकर्मियों के अलावा उनके साथ वादी संजीव अग्रवाल व हापुड़ के रहने वाले कुछ लोग भी शामिल थे। ऐसे में जांच के बाद हापुड़ पुलिस के अलावा इन लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई हो सकती है। एएसपी मुकेश चंद मिश्रा का कहना है कि मेरठ पुलिस अपने स्तर पर जांच कर रही है। इसके बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।

कृत्य छिपाने के लिए पुलिस ने कराए सारे इंतजाम
दोनों शवों का शुक्रवार को ब्रजघाट में अंतिम संस्कार किया गया था। मृतकों के एक रिश्तेदार ने बताया कि हापुड़ पुलिस ने अपना कृत्य छिपाने के लिए ब्रजघाट पर पहले ही सारे इंतजाम कर दिए थे। टेंट लगाने के साथ चिताओं के लिए लकड़ी और पंडित की व्यवस्था भी थी। यह सब परिजनों को शांत रखने के लिए किया गया।
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