टोल प्लाजा पर आरोपियों की कारें।
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टोल प्लाजा मैनेजर अनुज सोम ने बताया कि सरसवा गांव निवासी संजीव की ड्यूटी टोल पर थी। मेरठ की ओर से आ रही दो कार बगैर टोल दिए गुजरने लगीं। संजीव ने टोल मांगा तो कार सवार युवकों ने पहले गाली गलौज की और खुद को दौराला का बताया। संजीव ने कहा कि तुम दौराला के नहीं हो। इसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। इसके बाद टोल कलेक्टर ने दोनों गाड़ी निकाल दीं। 10 मिनट बाद ही कर सवार फिर से तीन-चार गाड़ियों और 8-10 बाइक पर पहुंचे और टोल बूथ में घुस गए। संजीव के साथ जमकर मारपीट कर दी और उसे घसीटकर बाहर ले आए। आरोपियों ने उसके चेहरे और मुंह पर पैर रख दिए।
मारपीट होते देख टोल प्लाजा पर अफरातफरी मच गई। सभी कर्मचारी इधर-उधर भागने लगे। आरोपी मारपीट करने के बाद टोल बूम तोड़कर देहरादून की ओर फरार हो गए। पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान करनी शुरू कर दी। आरोपी ने भागते हुए अपनी लाइसेंस पिस्टल से गोली मारने की धमकी दी।
परमजीत मेरा नाम है, धंजू मेरा गांव है, ऐसे ही मारते हैं हम
कार सवारों ने टोल प्लाजा पर जमकर उत्पात मचाया। मारपीट करने के बाद जाते हुए एक आरोपी ने कहा कि भारतीय किसान यूनियन का नेता हूं, परमजीत मेरा नाम है, धंजू मेरा गांव है। अगर मेरी गाड़ी रोकी तो ऐसा ही हाल करूंगा। दौराला पुलिस ने रात को दबिश देकर आरोपी धंजू गांव निवासी परमजीत और देदवा गांव निवासी पीयूष को एक ढाबे से खाना खाते हुए गिरफ्तार कर लिया। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह का कहना है कि फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है।