निगम ने आधे हिस्से को बताया अवैध निर्माण
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, दुकान का करीब आधा हिस्सा नियमों के विपरीत बनाया गया था। अधिकारियों का कहना है कि निर्माण को अवैध पाए जाने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की गई। नगर निगम की टीम ने अवैध बताए गए हिस्से को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया। अधिकारियों के अनुसार, कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया था।
दुकान मालिक बोला- अदालत का स्थगन आदेश था
दुकान मालिक ने नगर निगम की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उसका आरोप है कि दुकान के निर्माण से जुड़े मामले में अदालत से स्थगन आदेश मिला हुआ था। मालिक का कहना है कि उसने अधिकारियों को अदालत का आदेश दिखाया, लेकिन इसके बावजूद कार्रवाई नहीं रोकी गई। दुकान मालिक ने निगम अधिकारियों पर मनमानी का आरोप लगाते हुए कार्रवाई को गलत बताया।
व्यापारियों ने किया विरोध, भाजपा नेता भी पहुंचे
कार्रवाई के विरोध में आसपास के व्यापारी मौके पर एकत्र हो गए और हंगामा किया। व्यापारियों ने कहा कि इस तरह की कार्रवाई से छोटे व्यापारियों में भय का माहौल बनता है। विरोध की सूचना पर भाजपा नेता भी मौके पर पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी ली। मौके पर नगर निगम के अधिकारी, प्रवर्तन दल, क्षेत्राधिकारी और भारी पुलिस बल मौजूद रहा।
फिलहाल नगर निगम की ओर से कार्रवाई को नियमों के तहत बताया गया है, जबकि दुकान मालिक ने अदालत के स्थगन आदेश की अनदेखी का आरोप लगाया है। दोनों पक्षों के दावों के बीच मामले को लेकर विवाद बढ़ गया है।