मेरठ-बुलंदशहर मार्ग यानी एनएच-235 भी फर्राटा भरने के लिए तैयार होने लगा है। 62 किमी इस मार्ग को कई जगह से फोर-लेन कर दिया गया है। इसके अलावा अधिकतर स्थानों पर विवाद समाप्त हो गए हैं। बाकी स्थानों पर भी काम इस कदर तेजी से चल रहा है कि जल्द ही मेरठ से बुलंदशहर का सफर सुहाना होगा।
बेहतर कनेक्टिविटी के लिए मेरठ-बुलंदशहर हाइवे को अहम प्रोजेक्ट समझा जा रहा है। यही कारण है कि इस हाइवे पर 15 सौ करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। यह मार्ग फोर लेन बन रहा है। मेरठ से खरखौदा 20 किमी है। उसके बाद हापुड़ क्षेत्र तक करीब 32 किमी और उसके आगे बुलंदशहर तक 62.400 किमी तक तैयार होगा। मेरठ के 13 गांवों का अधिग्रहण होकर इस पर काम हुआ है। यह इसलिए भी अहम है क्योंकि दिल्ली एक्सप्रेस वे पर भी इससे कनेक्ट करने का प्लान है। इसके लिए मेरठ के पास इनर रिंग रोड एक तरफ दिल्ली एक्सप्रेस वे को कनेक्ट करेगी तो यही रोड मेरठ-बुलंदशहर मार्ग को भी मिलाएगी। जुर्रानपुर फाटक से शताब्दी नगर की ओर यहां जंक्शन भी प्रस्तावित है। इस मार्ग पर काफी स्थानों पर काम हो चुका है। डिवाइडर पर अभी और काम होगा।
बाईपास पर भी काम तेज
मेरठ और हापुड़ के बीच सबसे तेजी से काम हो रहा है। फफूंडा, खरखौदा तथा हापुड़ से पहले निकलने वाले बाईपास पर आधे से ज्यादा काम हो चुका है। हापुड़ में बाईपास बाबूगढ़ छावनी से पहले कनेक्ट होगा।
एक मीटर से ज्यादा ऊंचा उठाया है मार्ग
नया मार्ग लगभग एक मीटर ऊपर उठकर बनाया जा रहा है। कई जगह तो ऊंचाई इससे भी और ज्यादा है। गुणवत्ता के लिए इस पर अलग से प्रयास किया जा रहा है। मजबूती के लिए मार्ग पर जूट के बोरे बिछाकर पानी डाला गया हे।
जाम से मिलेगी मुक्ति
इस मार्ग के बाद जाम से मुक्ति मिलेगी। आगे तक की राह आसान होगी। सबसे ज्यादा जाम मेरठ-हापुड़ के बीच खरखौदा तथा हापुड़-बुलंदशहर के बीच में गुलावठी में लगता था। बाईपास के बाद जाम से निजात मिलेगी। मेरठ के धीरखेड़ा, कैली, पांची, लालपुर, खरखौदा, बिजौली, फफूंडा, अलीपुर, जाहिदपुर, सांकरपुर, भगवानपुर, हाजीपुर और घोसीपुर गांवों की जमीन का अधिग्रहण इसके लिए किया गया है।