शहर में चारों तरफ हाईवे का जाल बिछ गया है। अगले एक साल के अंदर शहर की चारों सीमाओं पर वाहन फर्राटा भरते नजर आएंगे। अगर आपको दिल्ली जाना है तो परतापुर तिराहे से एक घंटे में आप एक्सप्रेस-वे से पहुंच जाएंगे। वहीं, अगर आपको मेरठ से बुलंदशहर जाना है तो हापुड़ रोड पर एनएच-235 पर फर्राटा भर सकेंगे। इसके लिए एनएचएआइ की तरफ से तेजी से कार्य किया जा रहा है। हालांकि, कुछ स्थानों पर जमीन की समस्या के चलते कार्य रुका हुआ है। एनएचएआइ अधिकारियों का दावा है अगले एक-दो महीने में सभी जमीन के मामले सुलझा लिए जाएंगे।
वहीं, एनएचएआइ ने लोगों की सुविधा को देखते हुए फफूंडा से लेकर खरखौदा तक के चार लेन हाईवे की दो लेन वाहनों के लिए खोल दी हैं। जिस पर वाहन फर्राटा भरते नजर आने लगे हैं। हालांकि, अभी कुछ स्थानों पर यहां कार्य किया जाना है। फफूंडा से खरखौदा तक खोले गए हाईवे के किनारे सर्विस रोड का कार्य भी चल रहा है। यहां जेसीबी मशीन की सहायता से लाल बजरी बिछाने का कार्य किया जा रहा है। जिसके बाद सर्विस रोड का निर्माण भी शुरू कर दिया जाएगा।
फफूंडा और खरखौदा हुए जाम मुक्त
इस हाईवे के चल जाने से सबसे ज्यादा फायदा फफूंडा और खरखौदा को हुआ है। सड़क किनारे बसे इन गांव और कस्बों की वजह से लोगों को जाम की समस्या से जूझना पड़ता था। इस हाईवे के खुल जाने के बाद अब हापुड़ का सफर मात्र 30 मिनट में पूरा हो रहा है।
जल्द पूरे होंगे बाकी कार्य
हमारी कोशिश है कि इसे अक्तूबर-2019 तक आम लोगों के लिए खोल दिया जाए। हमने फफूंडा से लेकर खरखौदा तक हाईवे को एक तरफ से यानि दो लेन शुरू कर दी है। वहीं, कुछ स्थानों पर डिवाइडर पर कार्य किया जाना है । इसे भी जल्द निपटा लिया जाएगा। अब तेजी से कार्य चलेगा। एक बार बारिश की बाधा खत्म होगी तो रात-दिन कार्य कर जल्द इसे पूरी तरह तैयार कराया जाएगा-
डीके चतुर्वेदी, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, एनएचएआइ