तीन साल का करीब 90 लाख किराया बकाया होने का दावा
बिल्डिंग मालिक का दावा है कि बैंक पर करीब तीन वर्षों का लगभग 90 लाख रुपये किराया बकाया है। उनका आरोप है कि कई बार बकाया किराया मांगे जाने के बावजूद बैंक अधिकारियों की ओर से भुगतान नहीं किया गया। इसी के साथ उन्होंने बैंक पर करीब आठ हजार वर्गफुट जमीन पर अवैध कब्जा किए जाने का भी आरोप लगाया है।
शिकायत के बाद फैक्ट्री पर युवकों के पहुंचने का आरोप
निकुंज जैन का आरोप है कि मामले की शिकायत बैंक के उच्च अधिकारियों से करने के बाद उनकी फैक्ट्री पर दर्जनों युवक पहुंचे और उन्हें धमकाया गया। इस संबंध में उन्होंने एसएसपी से भी शिकायत की, लेकिन आरोप है कि अभी तक कार्रवाई नहीं हुई।
प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और आरबीआई को भेजे पत्र
सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता निकुंज जैन ने बताया कि विवाद के समाधान और कार्रवाई की मांग को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राज्यपाल और भारतीय रिजर्व बैंक को पत्र भेजे गए हैं। उन्होंने मामले की जांच कर उचित समाधान की मांग की है।
बैंक का पक्ष सामने नहीं आया
मामले में लगाए गए आरोप बिल्डिंग मालिक और उनके बेटे की ओर से हैं। बैंक की ओर से इन आरोपों पर तत्काल कोई पक्ष या प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में जमीन पर कब्जे और किराये की बकाया राशि से जुड़े दावों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।