नए बायलॉज को लेकर मंगलवार को बैठक होगी। मेडा इसका क्रियान्वयन करने की तैयारी में है। इसके अलावा अपार्टमेंट के लिए पहले जहां 2000 वर्गमीटर प्लॉट अनिवार्य था, अब 1000 वर्गमीटर में भी अपार्टमेंट निर्माण की अनुमति मिल सकेगी।
उत्तर प्रदेश आवास भवन निर्माण एवं विकास उपविधि 2008 में बदलाव करते हुए बायलॉज-2025 को प्रदेश सरकार मंजूर कर चुकी है। मेरठ विकास प्राधिकरण मेडा की ओर से इसे अंगीकार करने की प्रक्रिया भी शुरू हो कर दी गई है। आर्किटेक्ट और इंजीनियरों के साथ बैठक कर उपाध्यक्ष ने दो-तीन दिन में उनसे आपत्ति, सुझाव मांगे हैं। मंगलवार को रियल एस्टेट डवलपर्स के साथ नए बायलॉज को लेकर उपाध्यक्ष की अध्यक्षता में दोपहर 12.30 बजे से बैठक होगी। मेडा इसे बाई सर्कुलेशन के जरिए अंगीकार करने की तैयारी में है।
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उपाध्यक्ष संजय कुमार मीना ने बताया कि नई उपविधि को लेकर आर्किटेक्ट और इंजीनियरिंग सेक्शन के साथ बैठक की गई है। इसमें नई उपविधि के नियमों पर चर्चा की गई। उन्होंने बताया कि नई उपविधि के तहत अब 100 वर्ग मीटर तक के आवासीय और 30 वर्ग मीटर तक के व्यवसायिक प्लॉट के लिए नक्शा स्वीकृत कराने की जरूरत नहीं होगी। आवेदक को मामूली रजिस्ट्रेशन शुल्क पर अपनी ही जिम्मेदारी पर अनुमति दे दी जाएगी।
उन्होंने बताया कि 500 वर्ग मीटर तक आवासीय भवन व 200 वर्ग मीटर तक वाणिज्यिक भवन के लिए लाइसेंस प्राप्त तकनीकी व्यक्ति द्वारा खुद तैयार किए गए मानचित्रों पर विश्वास आधारित ऑनलाइन अनुमोदन होगा। उन्होंने बताया कि मंगलवार को रियल एस्टेट डवलपर्स के साथ दोपहर 12.30 बजे से नए बायलॉज पर मंथन होगा।
छोटे प्लॉट पर बना सकेंगे अपार्टमेंट
पहले जहां अपार्टमेंट के लिए 2000 वर्गमीटर प्लॉट अनिवार्य था, अब 1000 वर्गमीटर में भी अपार्टमेंट निर्माण की अनुमति मिल सकेगी। साथ ही अस्पताल और कमर्शियल बिल्डिंग के लिए 3000 वर्गमीटर पर्याप्त होगा। 25% हिस्से में अब नर्सरी, क्रेच, होम स्टे या फिर वकील, डॉक्टर, आर्किटेक्ट, चार्टेड अकाउंटेंट जैसे प्रोफेशनल्स अपने दफ्तर चला सकेंगे। इसके लिए नक्शे में अलग से उल्लेख करना जरूरी नहीं होगा।
मकान में बना सकेंगे दुकान
अब 24 मीटर या उससे चौड़ी सड़क वाले रिहायशी क्षेत्रों में दुकानें और दफ्तर खोले जा सकेंगे। इसके साथ ही वकील, डॉक्टर जैसे प्रोफेशनल्स कम चौड़ाई वाली सड़कों पर भी अपने ऑफिस खोल सकते हैं। अब 45 मीटर चौड़ी सड़क पर किसी भी ऊंचाई की इमारत बनाने की इजाजत मिलेगी। साथ ही फ्लोर एरिया रेशियो (एफएआर) भी अब 3 गुना तक बढ़ाया गया है। उप्र आर्किटेक्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष अंकित अग्रवाल ने बताया कि इससे बहुमंजिला इमारतों के निर्माण को बढ़ावा मिलेगा। लोगों को नई उपविधि में काफी राहत दी गई है।