शिखा और रूकांश की हत्या का मामला। (फाइल फोटो)
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तीन साल पहले हस्तिनापुर निवासी बैंक मैनेजर संदीप कुमार की आठ माह की गर्भवती पत्नी शिखा और पांच साल के बेटे रूकांश की लूट के बाद हत्या के मामले में उसके बहनोई हरीश को कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अपर जिला जज (विशेष न्यायाधीश ईसी एक्ट) चंद्रशेखर मिश्र ने हरीश पर 36 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। दूसरे हत्यारोपी रवि कुमार ने हापुड़ जिले के पिलखुवा में खुद को गोली मारकर खुदकुशी कर ली थी। पुलिस को उसका सुसाइड नोट मिला था। वह हरीश के जीजा का चचेरा भाई था।
साल 2022 में डबल मर्डर के बाद संदीप से जानकारी लेती पुलिस। (फाइल फोटो)
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हस्तिनापुर में रामलीला ग्रांउड के पास रहने वाले संदीप कुमार बिजनौर में पीएनबी में मैनेजर हैं। 29 अगस्त 2022 को सुबह करीब साढ़े आठ बजे वह घर से बैंक जाने के लिए निकले थे। सुबह 9:50 बजे पत्नी शिखा से मोबाइल पर बात कर बताया था कि वह बैंक पहुंच गए हैं। दोपहर 12:30 बजे शिखा अपने बेटे रूकांश को स्कूल से लेकर घर आई थी। इसी दौरान हरीश पिलखुवा के अहमदपुर नयागांव निवासी अपने बहनोई शेर सिंह के चचेरे भाई रवि के साथ संदीप के घर पहुंचा था।
डबल मर्डर। पुलिस ने बेड से बरामद किए थे मां और बेटे के शव।
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दोनों ने मां-बेटे की दुपट्टे से गला दबाकर हत्या कर शव अलग-अलग बेड में बंद कर दिए। ढाई लाख की नकदी व करीब 15 लाख रुपये के आभूषण समेटकर शिखा की स्कूटी से नोएडा भाग गए थे। रात करीब 8:10 बजे संदीप घर वापस आए। मुख्य गेट पर ताला लगा था। इसके बाद संदीप ने अपनी पत्नी को कॉल की। लेकिन पत्नी ने कॉल रिसीव नहीं की।
इसके बाद संदीप पड़ोस में अपने दोस्त के यहां चले गए। काफी देर बाद भी पत्नी का कुछ पता नहीं चला तो बैंक मैनेजर ने पुलिस को सूचना दी। रात में जब पुलिस के सामने ताला तोड़ा गया तो एक बेड में शिखा का और दूसरे कमरे में बेड में बेटे रूकांश का शव मिला।