रोहटा गांव में कैंसर से पीड़ित ब्रजवीर का शव खेत में मिला था। बेटे रोहित का कहना था कि उसके पिता की हत्या की गई है। मगर ब्रजवीर की जेब से मिले सुसाइड नोट से मामला खुल गया। गलत जानकारी देने वाले बेटे को पुलिस ने जेल भेज दिया।
गांव रोहटा में शुक्रवार दोपहर बुजुर्ग ब्रजवीर सिंह (61) ने कैंसर की बीमारी से तंग आकर तमंचे से गर्दन में गोली मारकर खुदकुशी की थी। बेटे रोहित ने बदनामी के डर से तमंचा छिपाकर हत्या की रिपोर्ट दर्ज करा दी थी। ब्रजवीर के कपड़ों में मिले सुसाइड नोट से पूरे मामले का खुलासा हुआ। पुलिस का दावा है कि सुसाइड नोट की लिखावट का मिलान पुलिस ने उनकी डायरी से करा लिया है। वहीं, रोहित को साक्ष्य छिपाने, झूठा केस दर्ज कराने और आर्म्स एक्ट के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है।
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एसपी देहात राकेश कुमार मिश्रा ने रविवार को बताया कि गांव रोहटा निवासी ब्रजवीर सिंह करीब दो वर्ष से कैंसर से पीड़ित थे और मेरठ के एक चिकित्सक से उनका उपचार चल रहा था। शुक्रवार दोपहर करीब दो बजे वह घर के बाहरी हिस्से में चारपाई पर आराम कर रहे थे। परिजन घर के अंदर थे। इसी दौरान ब्रजवीर ने तमंचे से अपनी गर्दन में गोली मारकर आत्महत्या कर ली।
बेटे रोहित ने पुलिस के पहुंचने से पहले मौके से मिला तमंचा गांव में ब्लॉक कार्यालय के पीछे तालाब किनारे छिपा दिया। अज्ञात के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई। पोस्टमार्टम के दौरान ब्रजवीर के कपड़ों से सुसाइड नोट मिला।
बीमारी से परेशान हो गया हूं, अब जीना नहीं चाहता
सुसाइड नोट में लिखा है कि मैं बीमारी से परेशान हो गया हूं और अब जीना नहीं चाहता। इसलिए अपनी मर्जी से आत्महत्या कर रहा हूं। मेरी मौत के लिए कोई भी जिम्मेदार नहीं है। सुसाइड नोट की लिखावट का मिलान ब्रजवीर की डायरी से कराया गया तो ये हूबहू मिली। इसके बाद पुलिस ने बेटे रोहित से सख्ती से पूछताछ की तो उसने बदनामी से बचने के लिए तमंचा छिपाकर हत्या का मुकदमा दर्ज करा दिया था। पुलिस ने रोहित की निशानदेही पर तमंचा बरामद कर लिया। आरोपी को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
गर्दन में जहां कैंसर, वहीं गोली मारी
ब्रजवीर को कैंसर कितनी पीड़ा दे रहा था। इस बात का अंदाज इसी से लगाया जा सकता है कि उन्होंने गर्दन में गोली उसी जगह मारकर जान दी, जहां उन्हें कैंसर था। परिजन का कहना है कि वह दर्द से कराहते थे और ईश्वर से प्रार्थना करते थे।