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Meerut: व्यापारी से नाक रगड़वाने के मामले में भाजपाइयों ने कराया समझौता, सत्यम ने विकुल के बारे में ये कहा

Thu, 30 Oct 2025 09:41 PM IST
मोहम्मद मुस्तकीम अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ

सार

छोटी दिवाली पर ऊर्जा राज्यमंत्री डा. सोमेंद्र तोमर का नाम लेकर व्यापारी से जमीन पर नाक रगड़वाई गई थी। इस मामले का वीडियो वायरल होने के बाद चार आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है। 
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समझौते पर साइन करता सत्यम रस्तोगी। - फोटो : अमर उजाला
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तेजगढ़ी चौराहे पर छोटी दीपावली के दिन ऊर्जा राज्यमंत्री डा. सोमेंद्र तोमर का नाम लेकर कपड़ा व्यापारी सत्यम रस्तोगी से नाक रगड़वाने वाले मामले में भाजपा जनप्रतिनिधियों और नेताओं ने समझौता करा दिया। सर्किट हाउस में इसकी पटकथा लिखी गई। जल्द ही समझौतानामा कोर्ट में पेश किया जाएगा। जेल गए सभी आरोपियों के परिजन भी समझौते में मौजूद रहे।
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समझौते के दौरान मौजूद बीजेपी के नेता। - फोटो : अमर उजाला
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद सत्यम रस्तोगी की तहरीर पर मेडिकल पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था। हालांकि जब यह मामला तूल पकड़ा तो पुलिस ने धाराएं बढ़ाईं, जिसमें सुबोध यादव, आयुष शर्मा और हैप्पी भड़ाना को जेल भेजा गया था। बाद में मुख्य आरोपी विकुल चपराणा को भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। 
 

सभी आरोपी जेल में बंद हैं। इस मामले में सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने भी एक्स पर पोस्ट कर सरकार को घेरा था। संयुक्त व्यापार संघ और मेरठ व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की थी। यह मामला बड़ा सुर्खियों में रहा था। 
 

खास बात यह रही कि आरोपियों के खिलाफ रासुका लगाने की मांग को लेकर भाजपा के वरिष्ठ नेता और जनप्रतिनिधियों ने एसएसपी से भी मुलाकात की थी। अब इन्हीं जनप्रतिनिधियों ने समझौते की पटकथा लिखी और दोनों पक्षों के परिजनों को सर्किट हाउस में बुला लिया। 
 

भाजपा महानगर अध्यक्ष विवेक रस्तोगी ने कहा कि निंदनीय घटना हुई है। हम इसका विरोध करते है। हिंदुओं का विभाजन न हो, इसलिए समझौता कराना चाहते हैं। भाजपा नेता कमल दत्त शर्मा ने कहा कि विपक्ष के नेता इस मामले में राजनीति कर रहे थे, जो गलत था। राजनीति करने का भी अपना स्तर होता है, मगर विपक्ष ने सारी गरिमा गिरा दी। 
 

सत्यम, उनके भाई व अन्य परिजन समझौते में पहुंचे और एफिडेविट भी तैयार कराकर लाए। एसएसपी के नाम एफिडेविट में स्पष्ट तौर पर सत्यम ने लिखवाया कि जो धाराएं रंगदारी और धमकाने की मुकदमे में बढ़ाई गईं, वह गलत हैं। इस तरह की घटना नहीं की गई। सत्यम ने कहा कि वह नहीं चाहते कि इस मुकदमे में कोई भी आरोपी गलत धारा में संलिप्त रहे। न्यायहित में निष्पक्ष जांच करते हुए गलत धाराएं जो बढ़ाई गई हैं, उन्हें हटाया जाना चाहिए। बकायदा इसकी नोटरी भी कराई गई है। 
 
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इस दौरान सांसद अरुण गोविल, मंत्री दिनेश खटीक, मेयर हरिकांत अहलूवालिया, भाजपा जिलाध्यक्ष शिवकुमार राणा, कैंट विधायक अमित अग्रवाल, एमएलसी धर्मेंद्र भारद्वाज, कमल दत्त शर्मा, संयुक्त व्यापार संघ निर्वाचित के अध्यक्ष नवीन गुप्ता, जयकरण गुप्ता, विनीत अग्रवाल शारदा आदि मौजूद रहे।

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