वर्तमान में जमीन की उपलब्धता
हवाई पट्टी की जमीन 46.77 एकड़, एमडीए से ली गई कुल जमीन 50.99 एकड़, वन विभाग से ली गई 30.19 एकड़ है। जबकि कुछ किसानों से भी जमीन ली गई है। इन जमीनों के लिए एमडीए को जहां 52.89 करोड़ रुपये की धनराशि दी जा चुकी है, तो वन विभाग को 1.70 करोड़ की धनराशि दी जा चुकी है। वहीं, जिन किसानों से जमीन ली गई थी, उन्हें भी पैसा दिया जा चुका है।
वन विभाग काटेगा अपने पेड़
वन विभाग ने सिर्फ जमीन बेची है, जिसका उसे 1.70 करोड़ रुपये मिला है। जबकि इस जमीन में खड़े 1152 पेड़ों का कटान वन विभाग कराएगा। इसके अलावा जब तक हवाई पट्टी पर हवाई अड्डा निर्माण की प्रक्रिया शुरू नहीं होती है, तब तक जमीन को प्रयोग करने वाला अपने खर्च से इस जगह पर पौधरोपण के साथ उसकी देखरेख भी करेगा। वहीं, यदि जमीन की वर्तमान दर में बढ़ोत्तरी होती है, तो उसका पैसा भी संबंधित विभाग वन विभाग को देगा।
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