अस्पताल पहुंचने से पहले टूट गई सांसें
राहगीरों ने घटना की सूचना परिजनों को दी। इसके बाद परिवार के लोग मौके पर पहुंचे और घायल असलम को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गंगोह ले गए। वहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। असलम पेशे से जेसीबी चालक थे और अपने परिवार का एकमात्र सहारा थे। उनके परिवार में पत्नी के अलावा सात वर्षीय बेटा अरमान और पांच वर्षीय बेटी इनाया हैं।
ग्रामीणों ने लगाया लापरवाही का आरोप
शुक्रवार सुबह गांव के कब्रिस्तान में गमगीन माहौल में असलम को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। मृतक के चचेरे भाई नदीम ने आरोप लगाया कि हाईवे पर रखे गए डिवाइडरों पर न तो रेडियम पट्टी लगाई गई थी और न ही कोई चेतावनी संकेत मौजूद थे। उनका कहना है कि बारिश और अंधेरे के कारण डिवाइडर दिखाई नहीं दिए, जिससे यह हादसा हुआ।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि हाईवे पर लगाए जाने वाले सभी डिवाइडरों पर अनिवार्य रूप से चेतावनी संकेत और चमकदार पट्टियां लगाई जाएं, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।