मेरठ के बहुचर्चित सौरभ हत्याकांड में शुक्रवार को न्यायालय ने बचाव पक्ष की अधिवक्ता की अपील पर ब्रह्मपुरी थाना प्रभारी, हेड मोहर्रिर और वायरलेस ऑपरेटर को तलब किया है। इस केस में अब चार मई को सुनवाई होगी। तीनों को थाने के सीसीटीवी फुटेज, वायरलेस के मेसेज और जीडी (रोजनामचा) का रिकॉर्ड लेकर न्यायालय में आना होगा।
जिला शासकीय अधिवक्ता (डीजीसी) कृष्ण कुमार चौबे ने बताया कि सौरभ हत्याकांड की सुनवाई जिला सत्र न्यायाधीश अनुपम कुमार की अदालत में चल रही है। गवाहों के बयान दर्ज होने के बाद गवाही का चरण पूरा हो चुका है। अब तक 22 गवाहों ने बयान दर्ज कराए हैं।
अब इस केस में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 351 (पूर्व में सीआरपीसी की धारा 313) के तहत कार्यवाही चल रही है। अदालत ने इस मामले में दोनों आरोपियों से गवाहों के बयान से जुड़े 32-32 सवाल पूछे थे। दोनों आरोपियों ने खुद को बेगुनाह बताते हुए गवाहों के आरोपों को नकार दिया था। मुस्कान का कहना था कि संपत्ति के लिए उन्हें फंसाया गया है। मंगलवार को आरोपी साहिल की ओर से केस लड़ रहीं अधिवक्ता रेखा जैन ने गवाह या साक्ष्य पेश करने के लिए दो दिन का समय मांगा था।
शुक्रवार को उन्होंने चार साक्ष्य-गवाह की सूची न्यायालय को सौंपी। इसमें उन्होंने 18 मार्च 2025 को हुई मुस्कान और साहिल की गिरफ्तारी से लेकर अगले दिन तक की थाने की सीसीटीवी फुटेज लेकर थानेदार, एक सप्ताह का जीडी (इसमें सभी जानकारियां दर्ज की जाती हैं) रिकॉर्ड लेकर हेड मोहर्रिर और मेसेज का रिकॉर्ड लेकर वायरलैस ऑपरेटर व हत्या में प्रयोग किए गए चाकू की जांच करने वाले फोरेंसिक एक्सपर्ट को तलब करने की अपील की थी।
शुक्रवार को सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष के अधिवक्ताओें ने गवाहों के बयान की प्रक्रिया पूरी हो जाने का हवाला देते हुए अपील पर आपत्ति की। न्यायालय ने फोरेंसिक एक्सपर्ट को छोड़कर थानेदार, हेड मोहर्रिर और वायरलेस ऑपरेटर को तलब कर लिया है।
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