लंबे रूट के कारण यात्रियों को हुई परेशानी
कांवड़ यात्रा के दौरान कई बसों के रूट बदलकर उन्हें दूसरे और लंबे मार्गों से संचालित किया गया। इसके चलते यात्रियों को अधिक दूरी तय करनी पड़ी और कई मामलों में अतिरिक्त किराया भी देना पड़ा।
मंगलवार को शिवरात्रि का जलाभिषेक संपन्न होने के बाद रोडवेज ने रात में पुरानी व्यवस्था बहाल कर दी। सोहराबगेट डिपो से बसों को मध्यरात्रि तक भैसाली और मेरठ डिपो में स्थानांतरित कर दिया गया।
दिल्ली से सहारनपुर और बिजनौर तक मिलेंगी बसें
भैसाली बस अड्डे से दिल्ली, गाजियाबाद, नोएडा, शामली, बागपत, बड़ौत, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर और बिजनौर समेत कई शहरों के लिए बसें संचालित होती हैं। उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों के लिए भी यहां से बसों का संचालन किया जाता है।
कांवड़ यात्रा के दौरान अड्डा बंद रहने से यात्रियों को सोहराबगेट से बसें पकड़नी पड़ रही थीं। अब भैसाली बस अड्डा शुरू होने से यात्रियों को अपने पुराने रूट और परिचित बस अड्डे से ही सफर की सुविधा मिल सकेगी।
बैरिकेड हटने से रात में यातायात हुआ सामान्य
कांवड़ यात्रा के दौरान बंद किए गए कई मार्गों को भी मंगलवार रात से चरणबद्ध तरीके से खोल दिया गया। मंगलवार सुबह तेज बारिश के कारण कई खुले मार्गों पर जलभराव होने से वाहन चालकों की परेशानी बढ़ गई थी। कई स्थानों पर लोगों ने खुद ही बैरिकेड हटाए और डिवाइडर के कट खोल दिए।
दिल्ली रोड पर माधवपुरम और शारदा रोड से पहले ईदगाह चौराहे समेत कई स्थानों पर बैरिकेड हटे दिखाई दिए। इसके बाद दोपहिया वाहन चालकों को आवाजाही में राहत मिली।
एसपी यातायात राजेश श्रीवास्तव ने बताया कि शहर में रात आठ बजे हल्के वाहनों के लिए मार्ग खोल दिए गए हैं। रात 12 बजे से भारी वाहनों पर लगा प्रतिबंध भी हटा दिया गया। इसके बाद शहर, एनएच-58 और डीएमई समेत सभी प्रमुख मार्गों पर यातायात सामान्य रहेगा और वाहनों को डायवर्ट नहीं किया जाएगा।