फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यूपी: नहीं लगा बदमाशों का कोई सुराग, वित्तमंत्री के दामाद के अपहरण का हुआ था प्रयास

Tue, 15 Jan 2019 11:44 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
विज्ञापन
मुजफ्फरनगर पुलिस - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

सूबे के वित्तमंत्री राजेश अग्रवाल के दामाद व जिले के युवा उद्यमी अमित प्रकाश के अपहरण के प्रयास का मामला एक अनसुलझी मिस्ट्री बन चुका है। उद्यमी की कार का पीछा करने वाली स्विफ्ट सीसीटीवी कैमरे में कैद होने के बावजूद उसका नंबर ट्रेस नहीं होने से वारदात में शामिल बदमाशों का सुराग नहीं लग पाया है। अब पुलिस उद्यमी की कार को वहलना चौक पर रोकने वाली वैगन-आर को चिह्नित करने का प्रयास करते हुए बदमाशों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। यह मामला यूपी के मुजफ्फरनगर शहर का है। 

विज्ञापन


शहर के कोर्ट रोड निवासी जिले के युवा उद्यमी अमित प्रकाश सूबे की भाजपाई सरकार में वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल के दामाद हैं। करीब एक माह पूर्व अमित प्रकाश देर रात कार चालक के साथ दिल्ली से लौट रहे थे। शहर में घुसते ही वैगन-आर में सवार कुछ बदमाशों ने उद्यमी की कार के आगे अपनी कार लगाकर उन्हें रोकने का प्रयास किया। अमित प्रकाश की कार के चालक ने तेजी दिखाते हुए कार को कच्चे में उतारकर भगाने लगा, जिस पर चार-पांच बदमाशों से भरी एक स्विफ्ट कार उनका पीछा करने लगी। उद्यमी के कार चालक ने सुजड़ू चुंगी से सरकुलर रोड होते हुए महावीर चौक व प्रकाश चौक होते हुए एसएसपी आवास तक कार दौड़ाई, लेकिन स्विफ्ट कार लगातार उनका पीछा करती रही। आखिरकार उद्यमी ने कार को एसएसपी आवास में घुसाकर किसी तरह जान बचाई।

विज्ञापन

वहीं कप्तान ने घटना की जानकारी होने पर स्विफ्ट कार की घेराबंदी के आदेश दिए, लेकिन जब तक पुलिस जागती, आरोपी कार सवार फरार हो चुके थे। शहर कोतवाली में यह मामला दर्ज होने के बाद कप्तान सुधीर कुमार सिंह ने युवा उद्यमी को सुरक्षाकर्मी भी मुहैया करा दिए थे। जांच के दौरान उद्यमी की कार का पीछा करने वाली स्विफ्ट एक प्रतिष्ठान पर लगे सीसीटीवी कैमरे में तो कैद हुई, लेकिन उसका नंबर साफ नहीं आने से पुलिस अब तक न तो कार चिह्नित कर पाई है और न ही घटना में शामिल बदमाशों तक पहुंच सकी है। वित्त मंत्री के दामाद के अपहरण के प्रयास का यह सनसनीखेज मामला अब तक मिस्ट्री बना हुआ है। 

शहर कोतवाली इंस्पेक्टर अनिल कपरवान ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। स्विफ्ट चिह्नित नहीं होने के चलते फिलहाल यह मामला ठंडे बस्ते में ही पड़ा हुआ है।

शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें

https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें