कुख्यात अनिल दुजाना एनकाउंटर।
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- हाजी याकूब कुरैशी : माफिया की सूची में पूर्व मंत्री याकूब कुरैशी भी शामिल है। याकूब कुरैशी ने 1980 के दशक में नींबू बेचना शुरू किया था। इसके साथ ही याकूब पशु कटान के कारोबार से जुड़ गया। 2002 में राजनीति में कदम रखा और बसपा से विधायक बनने के बाद मंत्री भी बना। साल 2022 में पुलिस ने याकूब की मीट फैक्टरी में छापेमारी की थी। जहां पर अवैध तरीके से मीट की पैकिंग हो रही थी। याकूब फिलहाल जेल में है। हाल ही में शासन की तरफ से उसका गैंग पंजीकृत किया गया है, जिसमें उसकी पत्नी और दोनों बेटों के भी नाम है।
इसके अलावा सहारनपुर निवासी हाजी इकबाल, सुशील मूंछ, संजीव माहेश्वरी, धर्मेंद्र, शारिक, विनय त्यागी उर्फ टिंकू, अमरपाल उर्फ कालू, बागपत निवासी सुनील राठी, अनुज बरखा, विक्रांत उर्फ विक्की, यशपाल तोमर भी माफिया की सूची में शामिल है।
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पुलिस के खौफ से सरेंडर कर चुके 50 अपराधी
सीएम के एक्शन के बाद यूपी के अपराधियों में भी खलबली मची है। स्थित यह है कि मेरठ जिले के करीब 50 अपराधी पिछले एक साल में सरेंडर कर चुके है। कोई थाने पहुंचा तो किसी ने कोर्ट में जाकर सरेंडर कर दिया। इसके अलावा पुलिस भी 200 से अधिक अपराधियों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर चुकी है।
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गौतमबुद्धनगर कमिश्नरेट जोन में बचे यह माफिया
गौतमबुद्धनगर कमिश्नरेट जोन के माफिया की सूची से अनिल दुजाना का नाम हटने के बाद कई बड़े माफिया रह गए हैं। इसमें अमित कसाना, अनिल भाटी, रणदीपपीााटी, मनोज उर्फ आसे, सुंदर भाटी और सिंहराज भाटी शामिल है।