मेरठ- खुर्जा पैसेंजर को शनिवार शाम को पांची के समीप अंडरपास के निकट पलटाने की कोशिश की। गनीमत रही कि ट्रेन के लोको पायलट ने इमरजेंसी में ब्रेक लगाकर ट्रेन की पहले स्पीड कम की, उसके बाद ट्रेन को रोक लिया। इस दौरान चालक ने रेलवे के अफसरों के अलावा जीआरपी को भी सूचना दी। ट्रेन काफी देर तक बाधित रही, बाद में यात्रियों की मदद से रेल लाइन पर रखे पोल को हटाया जा सका।
खुर्जा पैसेंजर शाम को 5.35 बजे मेरठ से चली थी। शाम 6.40 बजे ट्रेन खरखौदा क्षेत्र में कैली पहुंची। उसके बाद जब ट्रेन हापुड़ के लिए चली तो पांची अंडर पास से कुछ आगे दोनों पटरियों पर टेलीफोन का पोल रखा हुआ था। लोको पायलट एसके गुप्ता की नजर पोल पर पड़ी तो इमरजेंसी में ब्रेक लिए, ट्रेन को रोका गया तो भी पोल तक टकरा गई। जिसके बाद जीआरपी को सूचना दी गई। हापुड़ से जीआरपी की टीम भी मौके के लिए रवाना हुई। इस दौरान ट्रेन में सवार यात्रियों की सांसे भी थम गई। इमरजेंसी में ट्रेन रोकी गई तो यात्रियों को भी नहीं समझ आया कि आखिर क्या हो गया, लेकिन बाद में पोल देखा तो यही कहते रही कि गनीमत है कि जान बच गई, नहीं तो बड़ी अनहोनी हो सकती थी। बाद में खरखौदा पुलिस और जीआरपी ने भी जांच शुरू कर दी है।