एक बतख के खाने का खर्च महज दो रुपये
वहीं, हस्तिनापुर के फॉर्म हाउस पर भी बतख पालन किया जा रहा है। मनोज चौधरी ने दो वर्ष पहले कार्य को शुरू किया। उन्होंने बताया कि मेरठ में सिर्फ दो स्थानों पर ही ये कार्य किया जाता है। उनका अंडे का प्रतिदिन का उत्पादन 450 अंडे का है। हालांकि, दो से चार दिन में ये अंडा दिल्ली भेजा जाता है। वहीं, एक बतख को खिलाने का खर्च भी महज दो रुपये है। बतख को गेहूं या कोई अनाज खिलाया जाता है।
जलीय जीव और कीड़े खाने के कारण बतख के अंडे ज्यादा न्यूट्रीशन होता है। बतख के अंडों का सेल ज्यादा मोटा होता है। इसलिए वह ज्यादा दिन तक खराब नहीं होते हैं। एल्ब्यूमिन यानि सफेद भाग ज्यादा होता है। इसलिए इसे केक पदार्थों के लिए ज्याद ठीक माना जाता है। इसका अंडा लगभग 70 ग्राम के आसपास होता है। - डॉ.नीरज कुमार, विभागाध्यक्ष, जूलॉजी विभाग, मेरठ कॉलेज
हमें बतख पालन की जानकारी नहीं है। अगर जिले में ऐसा हो रहा है तो आंकड़ा तैयार कराया जाएगा। ये तो पहली बार मेरे संज्ञान में आया है। इसके लिए पशु चिकित्साधिकारियों को आंकड़े जुटाने के लिए बोला गया है। - अनिल कंसल, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, मेरठ