आनंद की फाइल फोटो और विलाप करते परिजन।
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एनएच-34 पर यशोदाकुंज कॉलोनी के पास तेज रफ्तार कार ने साइकिल सवार आनंद कुमार गिरी (40) को टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही आनंद करीब 50 मीटर दूर जा गिरे। जिला अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मौके से मिली कार की नंबर प्लेट के आधार पर अज्ञात चालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली थी। आनंद गिरी अमर उजाला अखबार के एजेंट थे। उनकी आकस्मिक मृत्यु ने परिवार और सहकर्मियों को गहरा सदमा पहुंचाया है।
घटना शुक्रवार की सुबह लगभग 5:30 बजे हुई। जब आनंद कुमार गिरी अपनी साइकिल से तलवार पेट्रोल पंप के पास स्थित अखबार के वितरण केंद्र की ओर जा रहे थे। यशोदाकुंज कॉलोनी के निकट पीछे से आ रही एक अनियंत्रित कार ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि आनंद लगभग 50 मीटर दूर जा गिरे और उनकी साइकिल बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। कार की नंबर प्लेट (यूपी 20 सीई 3782) दुर्घटनास्थल पर ही गिर गई। कार चालक घटना के बाद मौके से फरार हो गया।
राहगीरों ने तुरंत घटना की सूचना डायल-112 पर दी। वहीं घटना की जानकारी लगने पर अखबार के सेंटर से उनके साथी भी मौके पर पहुंचे और परिजनों को सूचित किया। सरकारी एंबुलेंस से आनंद को जिला अस्पताल पहुंचाया गया जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। गंगानगर थाने के एसआई रमाकांत गिरी ने घटनास्थल का मुआयना किया और मामले की जानकारी ली। सीओ सदर देहात सुधीर कुमार ने बताया कि परिजनों की तहरीर के आधार पर नंबर प्लेट से मिले वाहन के नंबर के आधार पर अज्ञात कार चालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालकर वाहन और चालक की पहचान करने का प्रयास कर रही है।
हादसे के बाद बेटा पास से गुजरा पर पता नहीं चला
परिजनों के अनुसार आनंद गिरी पिछले करीब 15 वर्षों से अखबार बांटने का काम कर रहे थे। कुछ वर्षों से उनका बड़ा बेटा राहुल और भतीजा ईश्वर भी सुबह अखबार वितरण में उनकी मदद करते थे। शुक्रवार की सुबह आनंद साइकिल से सेंटर के लिए निकले थे। दुर्घटना के बाद जब वह सड़क पर पड़े थे तभी राहुल और ईश्वर भी सेंटर जाने के लिए निकले। जब वे सेंटर पहुंचे तो उन्होंने बताया कि किसी का एक्सीडेंट हुआ है। वहां मौजूद लोगों ने जब उन्हें बताया कि उनके पिता का ही एक्सीडेंट हुआ है तो वे तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे।
घर में पत्नी और दो बेटे
आनंद गिरी अमर विहार कॉलोनी में अपने परिवार के साथ रहते थे। उनके परिवार में उनकी पत्नी चंद्रा और 12 वर्षीय बेटा राहुल तथा छह वर्षीय बेटा गोलू हैं। आनंद के बड़े भाई का परिवार भी उसी मकान में रहता है। दोपहर करीब तीन बजे पोस्टमार्टम के बाद शव घर लाया गया जहां से रजपुरा स्थित श्मशान घाट में उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया।
25 मिनट बाद पहुंची सरकारी एंबुलेंस, पास के अस्पताल में नहीं कराया भर्ती
दुर्घटनास्थल से मात्र 150 मीटर की दूरी पर सूर्य हॉस्पिटल और उससे कुछ आगे उपहार हॉस्पिटल मौजूद थे। इसके बावजूद घटनास्थल पर मौजूद लोगों और डायल-112 पुलिस ने आनंद को तुरंत इन अस्पतालों में पहुंचाने का प्रयास नहीं किया। लगभग 25 मिनट बाद सरकारी एंबुलेंस पहुंची और आनंद की पत्नी चंद्रा के पहुंचने पर उन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया। लोगों का कहना है कि यदि उन्हें समय रहते अस्पताल पहुंचा दिया गया होता तो शायद उनकी जान बच जाती।