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Meerut police media clash: कपसाड़ में मीडिया कवरेज पर रोक, पत्रकार से पुलिस की धक्का-मुक्की

Sat, 10 Jan 2026 01:17 PM IST
डिंपल सिरोही न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

Meerut police and Media Clash during coverage: मेरठ के सरधना में कपसाड़ गांव में कवरेज के लिए पहुंचे निजी इलेक्ट्रॉनिक चैनल के मीडियाकर्मी से पुलिस द्वारा धक्का-मुक्की और मारपीट किए जाने का आरोप लगा है, जिससे पत्रकारों में रोष है।
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कपसाड़ में दलित महिला की हत्या - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सरधना थाना क्षेत्र के कपसाड़ गांव में कवरेज के लिए पहुंचे एक निजी इलेक्ट्रॉनिक चैनल के संवाददाता के साथ पुलिसकर्मियों द्वारा धक्का-मुक्की और मारपीट किए जाने का आरोप सामने आया है। मीडियाकर्मियों का कहना है कि पुलिस ने उन्हें जबरन कवरेज से रोकने का प्रयास किया, जिससे मौके पर तनाव की स्थिति बन गई।

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गांव में मीडिया एंट्री पर लगभग पूर्ण प्रतिबंध
बताया गया कि कपसाड़ गांव के सभी मुख्य रास्तों और संपर्क मार्गों पर पुलिस की कड़ी घेराबंदी है। मीडिया कर्मियों के गांव में प्रवेश पर लगभग पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। इसके बावजूद कुछ मीडियाकर्मी पगडंडियों के रास्ते गांव में पहुंचने में सफल रहे।

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पीड़ित परिवार के घर जाते समय रोका गया
पीड़ित मीडियाकर्मी के अनुसार, वह पीड़ित परिवार के घर पहुंचे थे, जहां पूर्व विधायक संगीत सोम मौजूद थे और वह उनसे पूरे मामले पर बातचीत करना चाहते थे। इसी दौरान पीड़ित परिवार के घर की ओर जाने वाले रास्ते पर तैनात पुलिसकर्मियों ने उन्हें जबरन रोक लिया।

विरोध पर मारपीट का आरोप
मीडियाकर्मी का आरोप है कि जब उन्होंने रोके जाने का विरोध किया तो पुलिसकर्मियों ने उनके साथ मारपीट की। इस घटना के बाद मौके पर मौजूद अन्य मीडियाकर्मियों में भी पुलिस के रवैये को लेकर रोष फैल गया।

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कपसाड़ में तनाव - फोटो : अमर उजाला
लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ कार्रवाई का आरोप
पत्रकारों का कहना है कि इस तरह कवरेज से रोकना और मीडिया कर्मियों के साथ अभद्रता करना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। मामले को लेकर वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत करने की तैयारी की जा रही है।
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सलावा चौराहे पर लगा लंबा जाम - फोटो : अमर उजाला
सलावा चौराहे पर बैरिकेडिंग से कई किलोमीटर लंबा जाम, राहगीर परेशान
सलावा चौराहे पर पुलिस द्वारा की गई बैरिकेडिंग के चलते कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया। जाम के कारण राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। घंटों तक वाहन रेंगते नजर आए, जिससे लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो गई।

गाजियाबाद जिले के लोनी निवासी परवेज ने बताया कि वह खतौली से रिश्तेदारी से लौट रहे थे और शाम को उन्हें ड्यूटी पर पहुंचना था, लेकिन जाम में फंस जाने के कारण उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

इसी दौरान सलावा चौराहे पर सवारियों को लेकर पहुंचे ई-रिक्शा चालक लुकमान ने बताया कि वह सठेड़ी से कैली जा रहे थे। ई-रिक्शा में सवार कैली निवासी शाकिब, गुलशन और सेबी ने बताया कि पुलिस ने उन्हें आगे जाने की अनुमति नहीं दी और जबरन सलावा की ओर वापस भेज दिया। जाम के चलते आम लोगों के साथ-साथ दैनिक यात्रियों को भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
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