मेरठ का एक्यूआई दो दिन में 224 से बढ़कर 345 पर पहुंच गया। बृहस्पतिवार को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से जारी सूची में देश के 245 शहरों में प्रदूषण के मामले में मेरठ दूसरे नंबर पर रहा। जबकि, पहले नंबर पर गाजियाबाद और तीसरे नंबर पर मुजफ्फरनगर रहा है। हवा की सेहत फिर से बिगड़ गई है। दिन भर स्मॉग का असर दिखाई दिया।
दो दिन तक राहत देने के बाद शहर में प्रदूषण फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। दो दिन तक थोड़ी कमी भी दिखाई दी, लेकिन बृहस्पतिवार को फिर से हवा की सेहत खराब हो गई। स्मॉग का असर दिखाई दिया और धूप भी कम रही। शाम होते होते फिर से स्मॉग छा गया।
मेरठ का एक्यूआई 345 दर्ज किया गया है, जो खराब श्रेणी में है। सबसे ज्यादा गाजियाबाद प्रदूषित रहा है। मेरठ में हवा की सेहत खराब हो गई और लाल श्रेणी में पहुंच गई है। देश के छह शहरों की हवा लाल श्रेणी में दर्ज की गई है। मेरठ का स्तर अभी फिलहाल लाल श्रेणी में ही रहने का अनुमान है।
पल्लवपुरम रहा सबसे ज्यादा प्रदूषित
सबसे ज्यादा बृहस्पतिवार को पल्लवपुरम क्षेत्र प्रदूषित रहा। यहां, का एयर क्वालिटी इंडेक्स 364 दर्ज किया गया। इसके अलावा गंगानगर 329, बेगमपुल 340, दिल्ली रोड 350 दर्ज किया गया है। सबसे ज्यादा पल्लवपुरम क्षेत्र प्रदूषण की चपेट में है।