दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में मेरठ के खेल उद्योगों ने रखी मेरठ की जरूरत। स्रोत स्वयं
शहर के खेल निर्यात को 2027-28 तक 2500 करोड़ रुपये तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। वर्तमान में यह सालाना निर्यात 1200 करोड़ रुपये है। यह लक्ष्य युवा खेल एवं खेल मंत्रालय के खेल विभाग के सचिव हरि रंजन राव ने दिया।
राव ने यह घोषणा नई दिल्ली के द्वारका स्थित यशोभूमि आईआईसीसी में आयोजित आईएसजीएफ 2026 कार्यक्रम में की। उन्होंने खेल उद्यमियों की समस्याओं के समाधान के लिए अप्रैल के पहले सप्ताह में मेरठ आने का आश्वासन भी दिया। आईएसजीएफ 2026 का यह चौथा संस्करण था। उद्घाटन में नीति आयोग के वरिष्ठ सलाहकार संजीत सिंह और युवा खेल एवं खेल मंत्रालय के संयुक्त सचिव आर विनील कृष्णा उपस्थित रहे। मेरठ के एसजीईपीसी अध्यक्ष सुमनेश अग्रवाल और उपाध्यक्ष अंबर आनंद भी मौजूद थे। सुमनेश अग्रवाल ने स्वागत भाषण दिया और मेले के महत्व पर प्रकाश डाला।
निर्यात क्षमता और विस्तार
नीति आयोग के वरिष्ठ सलाहकार संजीत सिंह ने एक अध्ययन रिपोर्ट प्रस्तुत की। इस रिपोर्ट में भारत के खेल उपकरण विनिर्माण क्षेत्र की निर्यात क्षमता का एहसास कराया गया। उन्होंने खेल सामग्री क्षेत्र के विकास के लिए एक रूपरेखा भी प्रस्तुत की। संयुक्त सचिव आर विनील कृष्णा ने बताया कि विभाग घरेलू मांग पूरी करने के लिए महत्वाकांक्षी है। साथ ही, भारत की वैश्विक निर्यात क्षमता बढ़ाने के लिए भी खेल सामग्री क्षेत्र का विस्तार किया जाएगा।