शहर की घनी आबादी के बीच बगैर नक्शा पास कराए खड़े किए गए अवैध कॉम्प्लेक्स के खिलाफ हाईकोर्ट में डाली गई जनहित याचिका पर आज सुनवाई होनी है। आरटीआई कार्यकर्ता ने उप्र सरकार के मुख्य सचिव, कमिश्नर, डीएम और मेडा उपाध्यक्ष को पार्टी बनाया है। न्यायालय ने सभी को नोटिस भेजे हैं।
शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट में अवैध कॉम्प्लेक्स पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के बाद शहर के अन्य अवैध कॉम्प्लेक्स के मामले भी ताजे हो गए हैं। आरटीआई कार्यकर्ता मनोज चौधरी ने बताया कि शहर में लाला का बाजार, वैली बाजार, कोटला, जत्तीवाड़ा, बुढ़ाना गेट, पीएल शर्मा रोड समेत अन्य सघन क्षेत्रों में अवैध निर्माण किए गए हैं।
आरोप है कि सभी कॉम्प्लेक्स मेरठ विकास प्राधिकरण के अधिकारियों की मिलीभगत से बनाए गए हैं। कॉम्प्लेक्स निर्माण करते समय सभी नियमों को ताक पर रखा गया है। शहर के इन अवैध कॉम्प्लेक्स के खिलाफ हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की थी। जिस पर न्यायालय ने 30 अक्तूबर को सुनवाई की तिथि निर्धारित की है।