ह्वेनसांग और 1904 के गजेटियर का हवाला
अधिवक्ता ने अपने प्रार्थना पत्र में चीनी बौद्ध यात्री ह्वेनसांग के यात्रा वृतांत और मेरठ जिला गजेटियर, 1904 समेत विभिन्न ऐतिहासिक स्रोतों का उल्लेख किया है। प्रार्थना पत्र में वरिष्ठ इतिहासकार और शोधकर्ता प्रोफेसर केडी शर्मा के दावे का भी जिक्र किया गया है।
प्राचीन स्थापत्य के दावे का उल्लेख
राम कुमार शर्मा के अनुसार प्रोफेसर केडी शर्मा ने शाही जामा मस्जिद की संरचना में ऐसे प्रस्तर स्तंभों का दावा किया है, जो प्राचीन मौर्य अथवा बौद्धकालीन स्थापत्य से मिलते-जुलते दिखाई देते हैं। अधिवक्ता ने कहा है कि इन दावों की वास्तविकता सामने लाने के लिए विशेषज्ञों की मदद से वैज्ञानिक जांच कराई जानी चाहिए।
उच्चस्तरीय विशेषज्ञ समिति बनाने की मांग
प्रार्थना पत्र में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण, राज्य पुरातत्व विभाग, इतिहासकारों, बौद्ध अध्ययन विशेषज्ञों, पुरातत्वविदों, भू-विज्ञानियों और जिला प्रशासन की संयुक्त उच्चस्तरीय विशेषज्ञ समिति गठित करने की मांग की गई है।
अधिवक्ता का कहना है कि विशेषज्ञ समिति वैज्ञानिक और पुरातात्विक जांच के जरिए यह स्पष्ट कर सकती है कि शाही जामा मस्जिद परिसर से जुड़े प्राचीन स्थापत्य और बौद्ध मठ संबंधी दावों में कितनी तथ्यात्मकता है।
प्रशासन से जांच कराने की मांग
राम कुमार शर्मा ने कमिश्नर और डीएम से मामले में आवश्यक कार्रवाई करते हुए वैज्ञानिक तरीके से जांच कराने की मांग की है, ताकि ऐतिहासिक और पुरातात्विक दावों की वास्तविक स्थिति सामने आ सके।