अनुज ने बताया कि शुक्रवार को वह सुबह पांच बजे मुजफ्फनगर पहुंच गए थे। जबकि साथ अपने कैंटर में चल रहा सतीश मुजफ्फरनगर नहीं पहुंचा था। काफी देर तक इंतजार करने के बाद जीपीएस के माध्यम से लोकेशन देखी गई।
जीपीएस के अनुसार कैंटर चौधरी चरण सिंह कांवड़ पटरी मार्ग पर सलावा के पास की लोकेशन सामने आई। कुछ घंटे बाद सतीश को कॉल की तो मोबाइल बंद जा रहा था। जबकि कैंटर की लोकेशन फिर भी पहले के ही स्थान पर दिखाई दी। तभी सभी साथी सतीश की तलाश में लोकेशन के आधार पर चौधरी चरण सिंह कांवड़ पटरी मार्ग पर पहुंचे। करीब चार बजे सरधना थाने की सीमा के पास सलावा में गंगनहर में कैंटर डूबा हुआ दिखाई दिया।
अन्य चालकों ने घटना की जानकारी पुलिस को दी। तभी मौके पर पहुंची पुलिस ने कड़ी मशक्कत कर कैंटर से चालक को बाहर निकाला तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। पुलिस ने साथी चालकों से पूछताछ कर शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
पुलिस की जांच के अनुसार बताया गया कि सतीश अविवाहित था। उसका बड़ा भाई गोरेलाल है। हादसे के संबंध में परिवार को सूचना दे दी है। वहीं, दूसरी तरफ से सलावा पुलिस के रात से गश्त के बाद भी उनको नहर में पड़ा कैंटर नहीं दिखा, जिससे पुलिस की लापरवाही सामने आई है।
सीओ सरधना संजय कुमार जायसवाल का कहना है कि हादसे के संबंध में मिली तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच की जाएगी।