आदेश में तीन महीने में 661/6 को खाली कराकर दो सप्ताह में ध्वस्त कराकर रिपोर्ट दाखिल करने को कहा था। सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता मदन शर्मा ने बताया कि कोर्ट ने आदेश में कहा कि दुकानदारों की ओर से समय बढ़ाने की याचिका को रद्द किया जाता है। इसी के साथ याची के दुकान खाली न करने पर अदालत की अवमानना का दोषी भी करार दिया है। इस मामले से संबंधित याचिकाओं को भी (डिस्पोज ऑफ) निस्तारित करने के आदेश दिए हैं।
मदन शर्मा ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक 661/6 को ध्वस्त करने के फैसले को बरकरार रखते हुए दुकानदारों को कोई राहत नहीं दी गई है। वहीं व्यापारी नेता किशोर वाधवा का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट ने राजेंद्र कुमार बड़जात्या की याचिका पर आदेश दिए हैं।
राजीव गुप्ता एवं अन्य की ओर से उनकी रिव्यू याचिका पर दो मई को सुनवाई होगी। उन्होंने कहा कि सरकार दुकानदारों को बसाने के लिए योजनाएं चला रही हैं। ऐसे में उन्हें विश्वास है कि कई साल से व्यापार कर रहे दुकानदारों को उजाड़ा नहीं जाएगा। लगातार जनप्रतिनिधियों से भी वार्ता हो रही है, वे भी सहयोग का भरोसा दे रहे हैं।