गंभीर अपराधों के मामलों में हुआ सत्यापन
डीआईजी मेरठ रेंज कलानिधि नैथानी ने बताया कि यह अभियान रेंज के चारों जनपदों-मेरठ, बागपत, हापुड़ और बुलंदशहर-में चलाया गया। पिछले तीन वर्षों में दर्ज संपत्ति से जुड़े गंभीर अपराधों जैसे डकैती, चोरी, लूट, छिनैती, फिरौती के लिए अपहरण, हत्या और धोखाधड़ी के मामलों में अभियुक्तों के जमानतदारों का गहन सत्यापन किया गया।
मेरठ जनपद में 28 फर्जी जमानतदार जेल भेजे गए
डीआईजी ने बताया कि अकेले मेरठ जनपद में 720 जमानतदारों का सत्यापन हुआ। इनमें 26 पेशेवर और 28 फर्जी जमानतदार पाए गए। इन मामलों में 12 मुकदमे दर्ज कर 28 आरोपियों को जेल भेजा गया है।
गलत दस्तावेजों पर लगेगा अंकुश
पुलिस अधिकारियों के अनुसार इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जमानत के नाम पर गलत तथ्यों और फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल पर रोक लगाना है। आगे भी इस तरह के सत्यापन अभियान जारी रहेंगे ताकि अपराधियों को संरक्षण देने वालों पर सख्त कार्रवाई की जा सके।