गाजियाबाद की सामूहिक दुष्कर्म (12) पीड़िता के नवजात शिशु के रक्त का सैंपल शुक्रवार को गाजियाबाद पुलिस डीएनए जांच के लिए लेकर गई। यह नवजात एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज के नवजात गहन चिकित्सा इकाई (एनआईसीयू) में भर्ती है, पीड़िता गायनिक वार्ड में है। दोनों स्वस्थ हैं।
प्राचार्य डॉ. आरसी गुप्ता ने बताया कि पीड़िता को मंगलवार को गाजियाबाद के जिला अस्पताल से मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया था। यहां बुधवार को उसने बेटे को जन्म दिया। स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रतिभा की टीम ने सफल सीजेरियन प्रसव कराया।
इसके साथ ही दो महिला आरक्षी उनकी देखरेख के लिए तैनात किए गए हैं। पुलिस बच्चे का डीएनए परीक्षण कराएगी, जिससे पता चलेगा कि तीनों आरोपियों में से उसका पिता कौन है।
यह भी पढ़ें: Meerut: पिंकी हत्याकांड में चौंकाने वाला खुलासा, कातिल निकला पिता, पुलिस के सामने जुबान लडखड़ाते ही खुली पोल
यह पीड़िता माता-पिता के साथ खोड़ा थाना क्षेत्र में रहती है। गर्भधारण के बाद उसका पेट फूलने लगा। तब माता-पिता ने गंभीरता से नहीं लिया। सितंबर में उसका पेट अधिक फूल गया और उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। इस पर उसे डॉक्टर को दिखाया।
जांच में पता चला कि वह आठ माह के गर्भ से है। यह सुनकर परिजनों के होश उड़ गए। बाद में पता चला कि दो भाई समेत तीन युवकों ने सामूहिक दुष्कर्म किया था। इस मामले में पांच सितंबर को पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म, पॉक्सो एक्ट में रिपोर्ट दर्ज की। उसी दिन दोनों भाइयों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। मामले की छानबीन के बाद 30 सितंबर को तीसरे आरोपी को भी पकड़कर जेल भेजा गया था।