मेरठ। कोविड वार्ड में भर्ती बागपत निवासी 60 वर्षीय कोरोना पॉजिटिव मरीज की दोनों आंखों की रोशनी जाने के बाद मेडिकल कॉलेज की व्यवस्था फिर से सवालों के घेरे में है। परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया था। वहीं, मंगलवार को एक ऑडियो और एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जिसमें मरीज का बेटा मेडिकल प्रशासन पर लापरवाही के आरोप लगा रहा है।
बागपत निवासी यह मरीज 16 दिन पहले कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद मेडिकल कॉलेज में भर्ती हुए थे। 4 दिन से इन्हें दोनों आंखों से दिखाई नहीं दे रहा था। रविवार को परिजनों ने भाजपा नेताओं से मदद मांगी थी। जिसके बाद भाजपा नेता कमलदत शर्मा और आशीष अग्रवाल ने मेडिकल के नोडल अधिकारी डॉॅ. टीवीएस आर्य से इसकी शिकायत की। डॉक्टरों का कहना था कि मरीज को शायद मोतियाबिंद हो गया है। लेकिन कोरोना वायरस होने पर टेस्ट नहीं कर सकते। वहीं मरीज की हालत गंभीर होने पर उसे सोमवार रात फरीदाबाद के निजी अस्पताल रेफर किया गया था।
ऑडियो और वीडियो में क्या
वीडियो में मरीज का बेटा रोता हुआ नजर आ रहा है। आरोप लगा रहा है कि 3 दिन से उनके पिता को मेडिकल में खाना नहीं दिया गया। वह मेडिकल में बिल्कुल स्वस्थ्य भर्ती हुए थे। लेकिन अब उनकी दोनों आंखों की रोशनी चली गई। वे रात भर फर्श पर गिरकर तड़पते रहे। मेडिकल कॉलेज में कोई सुनवाई नहीं हो रही है। वहीं जो ऑडियो वायरल हुई है उसमें मेडिकल कॉलेज के कोविड में वार्ड ब्वॉय मरीज के बेटे को बता रहा है कि भैया मैं क्या करूं। मरीज बेड से गिरकर फर्श पर पड़ा है। मैंने डॉक्टर से कहा तो डॉक्टर मुझे ही धमका रहे हैं। मेरा उत्पीड़न कर रहे हैं। वहीं, मरीज के बेटे ने आरोप लगाया कि मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों की लापरवाही से उनके पिता की दोनों आंखों की रोशनी चली गई। पिता ने मोबाइल पर कहा था कि मुझे यहां से निकाल लो। नहीं तो मेरी जान चली जाएगी। कोई इलाज नहीं मिल रहा। 2 दिन तक मोबाइल पर भी कोई बात नहीं की गई थी क्योंकि मोबाइल डॉक्टर ने लेकर अलग रख लिया था।
शासन तक गूंज चुका मामला
इससे पहले भी मेडिकल कॉलेज की अव्यवस्थाओं का मामला लखनऊ तक गूंजता रहा है। कभी मरीज से अभद्रता तो कभी मरीज को खाना नहीं मिलने के वीडियो वायरल हुए।