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मेडिकल में लिंग परीक्षण के आरोपों पर घमासान  

Tue, 03 May 2016 03:14 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/मेरठ
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मे‌िडकल काॉलेज - फोटो : अमर उजाला
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प्राचार्य डॉ. केके गुप्ता से सारे मामले में दो पेज की लिखित शिकायत की गई है, जिसके बाद कॉलेज में हड़कंप मचा है। प्राचार्य ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जांच बैठा दी है। जांच अधिकारी सीएमएस डॉ. सुभाष सिंह से तत्काल छानबीन कर रिपोर्ट देने को कहा है। जांच बैठाए जाने की जानकारी मुख्यालय को भी प्रेषित की गई है।  
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  ये हैं आरोप
27 अप्रैल को रेडियोलॉजी विभाग के सीनियर रेजीडेंट डॉ. एनके शर्मा द्वारा की गई शिकायत में तमाम तरह के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। जिसमें दो आरोप सबसे अहम हैं। इनमें सबसे बड़ा आरोप विभागाध्यक्ष द्वारा लिंग परीक्षण करने का दबाव बनाने का है। साथ ही फर्जी तरीके से शुल्क लेकर मेडिकोलीगल तैयार करने का दबाव बनाने का आरोप भी लगाया गया है। 
  शिकायत करते ही कर दिया सस्पेंड
ऐसे में कहीं ना कहीं मेडिकल कॉलेज में लिंग परीक्षण होने की तमाम अटकलों को बल मिला है। हालांकि इन आरोपों में कितनी सच्चाई है, यह तो जांच का विषय है, लेकिन सीनियर रेजीडेंट को विभागाध्यक्ष द्वारा उसी तिथि को सस्पेंड कर दिया गया, जिस तिथि में तमाम आरोप लगाते हुए प्राचार्य से लिखित शिकायत की गई। जबकि नियमानुसार सस्पेंड करने का अधिकार केवल डीजी मेडिकल चिकित्सा शिक्षा लखनऊ को है। विभागाध्यक्ष प्राचार्य के माध्यम से केवल संस्तुति कर सकता है। 
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कागज लीक होने पर खुला मामला
डॉ. एनके शर्मा ने इस संबंध में प्राचार्य से करीब एक सप्ताह पहले शिकायत की थी। जिस पर प्राचार्य ने सीएमएस को गोपनीय जांच सौंपी थी। जिसका पत्र दो मई यानी सोमवार को लीक हो गया। उसके बाद ही मेडिकल कॉलेज में तमाम चर्चाएं होने लगीं। साथ ही यह भी सामने आ गया कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में अंदरखाने क्या-क्या खेल चल रहे हैं।
‘मुझे हर स्तर पर किया जा रहा प्रताड़ित’  
डॉ. एनके शर्मा ने लिखित शिकायत में आरोप लगाया है कि मुझे हर स्तर पर प्रताड़ित किया जा रहा है। उनकी इच्छा के मुताबिक काम ना करने पर सीधे तौर पर तीन महीने बाद एक्सटेंशन नहीं होने देने की धमकी दी गई है। यही नहीं, विभागाध्यक्ष पर राजपत्रित अवकाश के दिन विभाग में ना आने, देरी से विभाग में आने से लेकर निजी प्रैक्टिस करने तक का आरोप लगाया गया है। डॉ. शर्मा का आरोप है कि विभागाध्यक्ष दुर्भावना के साथ काम कर रही हैं, क्योंकि उनके द्वारा दबाव बनाए जाने के बाद भी लिंग परीक्षण व मेडिकोलीगल करने से इंकार कर दिया है। इसलिए उन्होंने विभाग से उपस्थिति पंजिका भी हटा दी है, जिस कारण से अपनी उपस्थिति दर्ज नहीं कर पा रहा हूं।
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