मेरठ। मेडिकल कॉलेज में इंटर्नशिप कर रहे स्टूडेंट्स का कार्य बहिष्कार बृहस्पतिवार को भी जारी रहा। उन्होंने दो टूक कहा कि जब तक वेतन नहीं बढ़ेगा वे ड्यूटी नहीं करेंगे। मेडिकल के अधिकारियों ने उन्हें समझाने की कोशिश की मगर बात नहीं बनी।
मेडिकल कॉलेज में इंटर्न इलाज और जांच में चिकित्सकों की करते मदद हैं। इनका पिछले तीन माह का रुका मेहनताना बुधवार को मिल गया, मगर उसमें बढ़ोतरी नहीं हुई है। उनका कहना है कि इसे बढ़ाया जाए वह तभी ड्यूटी करेंगे। इंटर्न के कार्य बहिष्कार से इमरजेंसी और ओपीडी में काफी दिक्कत हो रही है। इंटर्नशिप कर रहे 130 मेडिकल स्टूडेंट्स ने मंगलवार से कार्य का बहिष्कार किया हुआ है। इनका कहना है कि मेहनताना में पिछले 10 सालों से बढ़ोतरी नहीं हुई है, जबकि इस दौरान महंगाई कई गुना बढ़ गई है। इनका मेहनताना 7500 रुपये प्रतिमाह है, जबकि आठ से 12 घंटे कार्य कर रहे हैं। बदले में सरकार 250 प्रतिदिन देती है जो दैनिक मजदूरी से भी कम है। प्रमुख अधीक्षक डॉ. धीरज बालियान ने बताया कि इनका तीन माह का मेहनताना मिल गया है। ये स्टापेंड में वृद्धि की मांग कर रहे हैं। उन्हें समझाया जा रहा है मगर वे मानने को तैयार नहीं हैं।
उधर, रेजीडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन ट्रस्ट ने एमबीबीएस इंटर्न का मानदेय बढ़ाए जाने के लिए चिकित्सा शिक्षा महानिदेशक को पत्र खिला है। इस बाबत ट्रस्ट अध्यक्ष डॉ. विनय कुमार का कहना है कि दूसरे राज्यों की भांति यहां भी मानदेय बढ़ाया जाना चाहिए।