मेरठ। जूनियर डॉक्टर से छेड़छाड़ के आरोपी डॉ. कपिल कुमार सिंह पर मेडिकल में इलाज करने पर रोक लगा दी गई है। प्राचार्य डॉ. आरसी गुप्ता ने इस संबंध में मंगलवार को आदेश जारी किया।
प्रधानाचार्य डॉ. आरसी गुप्ता ने बताया कि डॉ. कपिल कुमार सिंह सात से 10 दिसंबर तक विभाग में उपस्थिति नहीं हुए। लिहाजा डॉ. कपिल कुमार को तत्काल प्रभाव से अग्रिम आदेश तक कार्य से विरत रहने के आदेश दिए गए हैं। अब प्रमुख अधीक्षक डॉ. धीरज बालियान ईएनटी विभाग की जिम्मेदारी संभालेंगे। आगे क्या कार्रवाई की जाए, इस संबंध में महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा को पत्र लिखा गया है। उन्हें लगातार इस मामले से अपडेट किया जा रहा है। गौरतलब है कि इस मामले में अभी आरोपी चिकित्सक की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। छात्रा ने ईएनटी चिकित्सक पर घर बुलाकर छेड़छाड़ का आरोप लगाया था। उसने मेडिकल थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। इससे नाराज जूनियर डॉक्टर लगातार विरोध कर रहे हैं।
मेडिकल कॉलेज में बढ़ाई गई सुरक्षा व्यवस्था
मेडिकल कॉलेज की सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। अब रात में सिर्फ मुख्य द्वार खुल रहा है। बाकी दोनों गेट बंद कर दिए गए हैं। ये सुबह छह बजे तक बंद रहेंगे। इसके अलावा 24 घंटे दो पुलिसकर्मियों की ड्यूटी के लिए पुलिस अफसरों से बात की गई है। हालांकि रात में गर्ल्स हॉस्टल के आसपास फैंटम और थाने की गाड़ी गश्त कर रही है।
काली पट्टी बांधकर किया कार्य
जूनियर डॉक्टर से छेड़छाड़ करने के आरोपी चिकित्सक की गिरफ्तारी न होने से नाराज जूनियर डॉक्टरों ने मंगलवार को काली पट्टी बांधकर काम किया। उनका कहना है कि वह काम कर रहे हैं, लेकिन घटना के विरोध में गुस्से का इजहार भी कर रहे हैं।
जांच अटकी, सीसीटीवी फुटेज मांगी
प्राचार्य द्वारा गठित तीन सदस्य जांच कमेटी की जांच अटक गई है। दरअसल, जब तक आरोपी चिकित्सक का पक्ष नहीं लिया जाएगा, तब तक जांच आगे नहीं बढ़ सकेगी। हालांकि इस संबंध में जांच समिति ने परिसर स्थित एसबीआई की शाखा और मेडिकल कॉलेज में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज मांगी है।