मेरठ। शासन ने मेडिकल कॉलेज के कोविड 19 अस्पताल के लिए 23 वेंटिलेटर दिए हैं। इससे कोरोना संक्रमितों के बेहतर इलाज में मदद मिलेगी। मेडिकल में अब 77 वेंटिलेटर हो गए हैं।
कोरोना पीड़ितों को सांस लेने में दिक्कत होने पर वेंटिलेटर सबसे ज्यादा मदद करता है। वेंटिलेटर देने का मकसद कोरोना संक्रमित पीड़ितों की जिंदगी बचाना है। प्रमुख अधीक्षक धीरज बालियान ने बताया कि मेडिकल कॉलेज कोरोना संक्रमितों के इलाज का मुख्य केंद्र है। गंभीर मरीजों के लिए सबसे ज्यादा जरूरत वेंटिलेटर की पड़ती है। स्वास्थ्य विभाग कोरोना पीड़ित गंभीर मरीजों को मेडिकल कॉलेज स्थित कोविड-19 अस्पताल में भर्ती कराता है। कोरोना के खिलाफ लड़ाई में वेंटिलेटर की बहुत जरूरत है।
वेंटिलेटर क्या है
यह ऐसे मरीजों की जिंदगी बचाती है जिन्हें सांस लेने में तकलीफ है या खुद सांस नहीं ले पा रहे हैं। यदि बीमारी की वजह से फेफड़े काम नहीं कर पाते हैं तो वेंटिलेटर सांस लेने की प्रक्रिया को संभालता है। इस बीच चिकित्सक इलाज के जरिए फेफड़ों को दोबारा काम करने लायक बनाते हैं।